मेनोपॉज में क्यों होता है बर्निंग माउथ सिंड्रोम, मुंह में जलन के घरेलू उपाय

मेनोपॉज के दौरान अगर मुंह में जलन हो या जीभ भारी लगे तो ये बर्निंग माउथ सिंड्रोम के संकेत हो सकते हैं। इसका इलाज आसान है, लेकिन उपचार में देरी से तकलीफ बढ़ सकती है।
मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को होनेवाली तकलीफों में एक बर्निंग माउथ सिंड्रोम भी है। इसके बारे में ज्यादातर महिलाएं नहीं जानतीं। पुणे के अंकुरा हॉस्पिटल की ओब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मधुलिका सिंह बता रही हैं मेनोपॉज में होने वाले बर्निंग माउथ सिंड्रोम की वजह और उपाय।
डॉ. मधुलिका सिंह बताती हैं कि मेनोपॉज के दौरान कई महिलाएं ये शिकायत लेकर आती हैं कि उनकी जुबान ड्राई और भारी हो गई है, पसीना बहुत आता है। संकेत देखकर डॉक्टर समझ जाते हैं कि महिला को बर्निंग माउथ सिंड्रोम की तकलीफ है। तब डॉक्टर उन्हें विटामिन बी6 सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। इससे उन्हें आराम मिलता है।
मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन और विटामिन बी6 की कमी से बर्निंग माउथ सिंड्रोम यानी मुंह में जलन होती है। विटामिन बी6 सप्लीमेंट लेने से बर्निंग माउथ की तकलीफ कम हो जाती है। डॉक्टर कई महिलाओं को जिंक सप्लीमेंट लेने की सलाह भी देते हैं।
अगर किसी महिला को बर्निंग माउथ सिंड्रोम की तकलीफ है तो उसे पानी ज्यादा पीना चाहिए। मसालेदार और एसिड बनाने वाली चीजें न खाएं। शराब से दूरी बनाएं। डॉक्टर हल्दी वाला पानी पीने की भी सलाह देते हैं। हल्दी एंटीबायोटिक का काम करती है और मेटाबॉलिज्म रेट सुधारती है।
बर्निंग माउथ पोस्ट मेनोपॉजल प्रॉब्लम है। अगर समय पर इसका इलाज न कराया तो महिला को बेचैनी और घबराहट होने लगती है, बात करने में दिक्कत होती है। बर्निंग माउथ सिंड्रोम का इलाज बहुत आसान है। सिर्फ विटामिन बी6 सप्लीमेंट लेना होता है, लेकिन इसे डॉक्टर की सलाह पर ही लें। मुंह की जलन की वजह जाने बिना कोई भी दवा न लें।


