अंतर्राष्ट्रीय

ट्रंप ने जापान को क्यों हड़काया, क्या इंडो-पैसिफिक में सुरक्षा संधि तोड़ेगा अमेरिका

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में दुश्मनों से ज्यादा दोस्तों पर आक्रामक हैं। उन्होंने अब जापान को हड़काया है और धमकी दी है कि वह अमेरिका-जापान सुरक्षा संधि की समीक्षा कर सकते हैं। उन्होंने लगातार कहा है कि अमेरिका-जापान सुरक्षा संधि एकतरफा है। इतना ही नहीं, ट्रंप ने जापान पर रक्षा के लिए और अधिक भुगतान करने के लिए दबाव को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका को इस सुरक्षा संधि से हटाते हैं तो इसका सबसे ज्यादा फायदा चीन को होगा। चीन की आक्रामक गतिविधियां इंडो-पैसिफिक में और अधिक बढ़ सकती हैं, जिसका नुकसान अमेरिका को भी उठाना होगा।

ट्रंप ने जापान को लेकर क्या कहा

पिछले गुरुवार को ट्रंप ने दशकों पुराने अमेरिका-जापान सुरक्षा सौदे के खिलाफ अपनी शिकायत को फिर से दोहराया। उन्होंने यह बयान तब दिया, जब दोनों देश टैरिफ पर बातचीत करने के लिए तैयार थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कैबिनेट मीटिंग के लिए एकत्रित हुए पत्रकारों से कहा, “हम उनकी रक्षा के लिए सैकड़ों अरब डॉलर का भुगतान करते हैं, लेकिन … वे कुछ भी भुगतान नहीं करते हैं।” उन्होंने संधि को “अद्भुत सौदा” बताते हुए कहा, “अगर हम पर कभी हमला होता है, तो उन्हें हमारी रक्षा के लिए कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं है।”

अमेरिका-जापान सुरक्षा संधि को जानें

1960 में हस्ताक्षरित, संशोधित द्विपक्षीय संधि संयुक्त राज्य अमेरिका को जापान में सैन्य अड्डे स्थापित करने का अधिकार देती है और वाशिंगटन को अपने एशियाई सहयोगी पर हमला होने पर जापान की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध करती है। इस समझौते के तहत, जापान में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात हैं। 1960 के पहले भी दोनों देशों के बीच एक सुरक्षा संधि थी, लेकिन उसे अमेरिका ने एकतरफा तरीके से जापान को थोपा था। इस कारण जापान में भारी विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद अमेरिका ने संशोधित द्विपक्षीय संधि को लागू किया। हालांकि, अब भी जापान में बड़ी संख्या में लोग अमेरिकी मिलिट्री बेस के खिलाफ हैं।

ट्रंप ने जापान पर लगाया है 24 प्रतिशत टैरिफ

ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में दोस्त देश होने के बावजूद जापान पर 24 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। ऐसे में जापान ने अपने व्यापार मंत्री योसेई अकाज़ावा को द्विपक्षीय मंत्रिस्तरीय वार्ता के लिए बुधवार से वाशिंगटन भेजा। इस वार्ता का मुख्य मकसद अमरेकी टैरिफ को खत्म करना और दोनों देशों के बीच व्यापार में जारी असंतुलन को कम करना है। ट्रंप का आरोप है कि जापान अमेरिकी सामानों पर ज्यादा टैरिफ लगाता है, जबकि वह अपने माल के निर्यात के लिए कम टैरिफ का भुगतान करता है।

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