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सनातन धर्म रहस्य! गिलहरी की पीठ पर क्यों होता है धारियों के निशान?

Ram Setu Squirrel Story : सनातन धर्म में कई ऐसे रहस्य हैं जिनके बारे में हम पूरी तरह नहीं जानते हैं। इन्हीं में से एक है गिलहरी के पीठ पर बना धारियों का रहस्य। इसके पीछे रामायण की एक बहुत ही रोचक कथा है जिसे आपको जानना चाहिए और अपने बच्चों को भी यह कथा सुनानी चाहिए। जब सेतु का निर्माण हो रहा था तभी कुछ ऐसा हुआ, जिससे गिलहरी को अपनी पीठ पर धारियों के निशान मिले। भगवान श्री राम जब माता सीता को रावण की कैद से छुड़ाने के लिए लंका जाना चाहते थे, तो उनके सामने एक बड़ी बाधा आ खड़ी हो गई थी। लंका चारों तरफ से पानी से घिरी हुई थी। इसके लिए सेतु का निर्माण किया जाने लगा। पूरी वानर सेना सेतु के निर्माण में लगी हुई थी। इसके बाद जो हुआ उससे आप जान जाएंगे कि गिलहरी की पीठ पर धारियों के निशान कहां से आए।

राम-सेतु और गिलहरी की कथा
सारी सेना पत्थरों पर भगवान श्रीराम का नाम लिखकर उन्हें समुद्र में डालने में लगी हुई थी। पत्थरों पर भगवान राम का नाम लिखने से वे पानी पर तैरने लगते थे। इससे पुल का निर्माण तेजी से होने लगा। उसी समय वहां एक गिलहरी भी मौजूद थी जो सेना की मदद करने के लिए अपने मुंह में छोटे-छोटे कंकड़ लेजाकर समुद्र में डाल रही थी। तभी एक वानर ने गिलहरी को ऐसा करते हुए देख लिया और उसे देखकर जोर-जोर से हंसने लगा। वानर ने गिलहरी का मजाक उड़ाते हुए उसे कहा कि तुम इन बड़े पत्थरों के नीचे दब जाओगी, यहां से चली जाओ। यह सुनकर बाकी सेना भी हंसने लगी।

मायूस गिलहरी गई श्रीराम प्रभु के पास
वानर सेना की बातें सुनकर गिलहरी मायूस हो गई। यह सब कुछ भगवान राम दूर से बैठकर देख रहे थे। तभी गिलहरी की भी प्रभु श्रीराम पर नजर गई और वह रोते हुए उनके पास चली आयी। वहां जाकर गिलहरी वानर सेना की शिकायत करने लगी। भगवान राम को गिलहरी पर स्नेह आया और वह खड़े होकर वानर सेना के पास गए और उन्हें दिखाया कि कैसे अपने छोटे-छोटे कंकड़ों से वह बड़े-बड़े पत्थरों को आपस में जोड़ रही है। वह भी सभी की तरह सेतु बनाने में योगदान देना चाहती है।

भगवान राम ने गिलहरी को दिया आशीर्वाद
यह सब कहने के बाद भगवान राम ने बहुत प्रेम और प्रसन्नता के भाव से गिलहरी को अपने हाथों में उठाया। इसके बाद, श्रीराम ने गिलहरी की प्रशंसा करते हुए उसे आशीर्वाद दिया और उसके पीठ पर हाथ फेरा। गिलहरी की पीठ पर हाथ फेरने से ही उसके शरीर पर उंगलियों के निशान पड़ गए। तभी से गिलहरियों के पीठ पर सफेद धारियां देखने को मिलती है, जो कुछ और नहीं बल्कि साक्षात भगवान राम का आशीर्वाद है।

यह एक प्रेरक कथा जो यह दर्शाती है कि भगवान के समक्ष बड़ा या छोटा कोई नहीं होता है। जो श्रद्धा भाव से जैसे भी प्रभु की सेवा करता है प्रभु उसकी सेवा को सहर्ष स्वीकार करते है। यह लोक मान्यताओं में एक प्रचलित कथा है।

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