पूर्व मंत्री के घर क्यों पहुंच रहे हैं भाजपाई दिग्गज? सीक्रेट मुलाकात, प्रदेश अध्यक्ष बनने की अटकलें

भोपाल: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को भोपाल दौरे पर पहुंचे। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीएम मोहन यादव के अलावा बीजेपी के कई दिग्गजों से मुलाकात की। हालांकि सिंधिया ने जिन नेताओं से मुलाकात की है उसमें से एक नाम चौंकाने वाला है। ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्य के पूर्व गृहमंत्री और पार्टी के सीनियर विधायक नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात करने पहुंचे। ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरोत्तम मिश्रा के बीच करीब 15 मिनट तक सीक्रेट चर्चा हुई।
कैलाश विजयवर्गीय ने भी की थी मुलाकात
ज्योतिरादित्य सिंधिया से पहले मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री और सीनियर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की थी। नरोत्तम मिश्रा और कैलाश विजयवर्गीय की मुलाकात को पहले सौजन्य भेंट बताया गया था। बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया के नरोत्तम मिश्रा से मिलने के बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। बता दें कि नरोत्तम मिश्रा का नाम प्रदेश अध्यक्ष की रेस में शामिल है।
कभी भी हो सकती है घोषणा
मध्य प्रदेश में बीजेपी ने संगठन चुनावों के अंतर्गत बूथ, मंडल और सभी जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। बीजेपी जिला अध्यक्षों की घोषणा के बाद अब माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए कभी भी घोषणा हो सकती है। मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद प्रधान को सौंपी गई है। वीडी शर्मा का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी नए अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है।
किस समीकरण से नरोत्तम मिश्रा का नाम
मध्य प्रदेश में बीजेपी का संगठन बहुत मजबूत है। राज्य के सीएम ओबीसी वर्ग हैं। कैबिनेट विस्तार में भी जातिगत समीकरण को साधा गया है। साल 2003 से बीजेपी का जो पैटर्न है। उस हिसाब से अगर राज्य का सीएम ओबीसी वर्ग से है तो प्रदेश अध्यक्ष सामान्य वर्ग से आता है। वीडी शर्मा, ब्राह्मण वर्ग से आते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वीडी शर्मा के बाद पार्टी किसी ब्राह्मण चेहरे पर ही दांव लगाएगी। इस कारण नरोत्तम मिश्रा का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।
नरोत्तम ने कहा था मैं किसी रेस में नहीं
हालांकि नरोत्तम मिश्रा ने कहा था मैं किसी रेस में शामिल नहीं हूं। बता दें कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद लोकसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। नरोत्तम मिश्रा को न्यू ज्वाइनिंग टोली का प्रमुख बनाया गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के कई सीनियर नेता बीजेपी में शामिल हुए थे। जिसका क्रेडिट नरोत्तम मिश्रा को दिया गया था।



