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WhatsApp रिकाॅर्ड करेगा हर इंसान की चैट! जल्द लाॅन्च होगा नया फीचर

नई दिल्ली. मेटा ने इस साल की शुरुआत में व्हाट्सएप पर Meta AI को पेश करने के बाद, इसे अधिक यूजर फ्रेंडली बनाने की दिशा में कई प्रयास किए हैं. व्हाट्सएप ने पहले ही Meta AI को एक पर्सनल एसिस्टेट के रूप में विकसित किया है और अब इसे हिंदी में भी उपलब्ध कराया है, जिससे उपयोगकर्ताओं का अनुभव और भी बेहतर हो गया है.

हाल ही में, WABetaInfo की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाट्सएप एक नए फीचर पर काम कर रहा है जिसे “चैट मेमोरी” कहा जा रहा है. यह फीचर Meta AI को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी को रिकॉर्ड करने में मदद करेगा, जिससे यह पर्सनल एसिस्टेंट को और भी अधिक यूजर फ्रेंडली बनाया जा सकेगा. उदाहरण के लिए, यदि एआई जानता है कि आप शाकाहारी हैं, तो यह आपको उसी अनुसार रेसिपीज साझा करेगा. हालांकि, इस फीचर के साथ प्राइवेसी से जुड़े मुद्दे भी आने की बात कही जा रही है. फिलहाल, यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और इसके बारे में सीमित जानकारी ही उपलब्ध है.

कैसे काम करेगा यह फीचर?
व्हाट्सएप का यह नया फीचर Meta AI यूजर्स द्वारा पहले साझा की गई जानकारियों को याद रखने की अनुमति देगा. व्हाट्सएप इसे भविष्य के अपडेट में रोल आउट कर सकता है. इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद के अनुसार और अधिक प्रासंगिक और व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएं देना है.

Meta AI अब व्यक्तिगत जानकारी जैसे खानपान की पसंद, जन्मदिन, और संवाद का तरीका (जैसे औपचारिकता) याद रख सकेगा. इसके अलावा, यह उपयोगकर्ताओं की एलर्जी, पसंदीदा किताबें, डॉक्यूमेंट्री और पॉडकास्ट जैसी रुचियों को भी ट्रैक कर सकता है.

पर्सनलाइजेशन में सुधार
यह मेमोरी फीचर Meta AI के इंटरैक्शन को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. जब AI इस प्रकार की जानकारी को संचित करता है, तो यह उपयोगकर्ताओं की जीवनशैली और प्राथमिकताओं के अनुसार बेहतर सुझाव, सलाह, और प्रतिक्रियाएँ प्रदान कर सकता है. उदाहरण के लिए, यदि कोई उपयोगकर्ता खाने के लिए सुझाव मांगता है, तो Meta AI उन व्यंजनों को नहीं सुझाएगा, जिन्हें उपयोगकर्ता ने पहले नापसंद किया है या जिनसे उसे एलर्जी है. इस प्रकार का कस्टमाइजेशन बातचीत को अधिक स्वाभाविक और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाता है, जिससे Meta AI एक व्यक्तिगत सहायक की तरह कार्य कर सके.

अन्य कंपनियों का अनुभव
इससे पहले कई कंपनियों ने “मेमोरी” से जुड़े फीचर्स पेश किए हैं, जिनके साथ प्राइवेसी को लेकर विवाद उठे हैं. Microsoft ने Recall नामक फीचर विकसित किया था, जिसे उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत क्षेत्र में हस्तक्षेप करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा. इसी तरह, Google ने एक फीचर लॉन्च किया था जिसे Pixel Screenshots कहा जाता है, जो अधिक संवेदनशीलता के साथ डिजाइन किया गया था, जिसमें उपयोगकर्ता केवल स्क्रीनशॉट्स को रिकॉर्ड करने का विकल्प रखते थे.

WABeta की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाट्सएप के नए फीचर में भी उपयोगकर्ताओं को यह अधिकार दिया जाएगा कि वे कौन सी जानकारी को याद रखना चाहते हैं. हालांकि, यह सब कुछ उस समय स्पष्ट होगा जब यह फीचर आधिकारिक रूप से लॉन्च होगा.

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