अरुण जेटली के बारे में ये क्या बोल गए राहुल गांधी… बेटे रोहन ने दिया करारा जवाब, सुनाई खरी-खोटी

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को दिवंगत केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे मोदी सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे, तब अरुण जेटली को उन्हें धमकाने के लिए भेजा गया था। राहुल गांधी कांग्रेस के एक कार्यक्रम ‘एनुअल लीगल कॉन्कलेव 2025’ में बोल रहे थे। राहुल गांधी ने बताया कि अरुण जेटली ने उनसे कहा था कि अगर आप सरकार का विरोध करते रहे और कृषि कानूनों पर हमसे लड़ते रहे, तो हमें आपके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। राहुल गांधी ने फिर उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि मुझे लगता है आप नहीं जानते कि आप किससे बात कर रहे हैं। हम कांग्रेसी हैं, हम डरपोक नहीं हैं। हम कभी झुकते नहीं हैं। अंग्रेज भी हमें नहीं झुका पाए।
अरुण जेटली के बेट ने दिया जवाब
वहीं, राहुल गांधी के इस आरोप के बाद अब सियासत तेज हो गई है। अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने अब इस मामले में राहुल गांधी पर पलटवार किया है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि उनके पिता का स्वभाव किसी को धमकाने का नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे।
रोहन जेटली ने दिया करारा जवाब
राहुल गांधी के गंभीर आरोप पर अरुण जेटली के बेटे और राहुल गांधी अब दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानून ों को लेकर धमकाया था। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का देहांत 2019 में हुआ था। कृषि कानून 2020 में पेश किए गए थे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता का स्वभाव किसी को भी विरोधी विचार के लिए धमकाना नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे।
राहुल गांधी ने मनोहर पर्रिकर के समय भी ऐसा ही किया था
अगर कभी ऐसी स्थिति आती भी, जैसा कि राजनीति में अक्सर होता है, तो वह सभी के लिए एक पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र और खुली चर्चा का आह्वान करते थे। वह बस ऐसे ही थे और आज भी उनकी यही विरासत है। मैं राहुल गांधी की सराहना करता हूं कि वे उन लोगों के बारे में बोलते समय सचेत रहें जो हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के साथ भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की, उनके अंतिम दिनों का राजनीतिकरण किया, जो उतना ही घटिया था। दिवंगत आत्मा को शांति मिले…



