विराट कोहली का भविष्य शुभमन गिल के खेल पर टिका, फैसला कोच और चयनकर्ता पर

Wनई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा अपने भविष्य को लेकर सही समय पर फैसला लेंगे जबकि विराट कोहली का इंग्लैंड दौरे का भविष्य शुभमन गिल पर निर्भर करेगा. बीसीसीआई ऑस्ट्रेलिया दौरे के समीक्षा बैठक में रोहित और विराट को लेकर सख्त नजर आया. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में अपने प्रदर्शन के लिए रोहित और कोहली को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उनके करियर पर सवाल उठाए गए क्योंकि दोनों की उम्र 35 साल से अधिक हो चुकी है. गिल अगर अच्छा फॉर्म दिखाकर मिडिल ऑर्डर की जिम्मेदारी संभालते हैं तो विराट कोहली को बाहर किया जा सकता है.
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई की समीक्षा बैठक में कोहली और रोहित के भविष्य पर चर्चा की गई. इसमें मुख्य कोच गौतम गंभीर, रोहित, अजित अगरकर, बीसीसीआई के संयुक्त सचिव देवजीत सैकिया और आईसीसी के अध्यक्ष जय शाह शामिल थे. आईसीसी के अध्यक्ष को इस बैठक में इसलिए बुलाया गया था क्योंकि उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद समीक्षा की थी. भारत ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ घर में 0-3 से हार का सामना किया था, जो हाल के समय में उनकी सबसे बड़ी हारों में से एक थी.
रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई अधिकारियों ने रोहित और कोहली पर फैसला लेने का जिम्मा अगरकर और उनकी टीम पर छोड़ दिया है. वे रोहित के टेस्ट में गिरते प्रदर्शन को लेकर चिंतित हैं. रोहित ने पिछले आठ टेस्ट मैचों में केवल 164 रन बनाए हैं, जिसमें एकमात्र अर्धशतक शामिल है. इनमें से 31 रन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में खेले गए पांच पारियों में बनाए, जहां उनका औसत मात्र 6.2 रहा.
एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “इसका मतलब यह नहीं है कि रोहित का ‘मैं कहीं नहीं जा रहा’ बयान अंतिम रूप से सही साबित होगा. चयनकर्ता रोहित के टेस्ट में गिरते ग्राफ को लेकर चिंतित हैं, लेकिन समझा जा रहा है कि फिलहाल कप्तानी पर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा. रोहित खुद ही एक सही फैसला लेंगे.”
पर्थ में एक शतक को छोड़कर, कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर केवल 90 और रन बनाए, जिससे यह दौरा उनके लिए यादगार नहीं रहा. “इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज अभी पांच महीने दूर है इसलिए चयनकर्ता इस मामले पर विचार करने से पहले कोई राय बनाने की संभावना रखते हैं. कोहली की भूमिका में शुभमन गिल अभी तक फिट नहीं हो पाए हैं. वह उस स्तर के करीब भी नहीं हैं, जिस तरह से कोहली तैयार थे जब सचिन तेंदुलकर ने संन्यास लिया था,”



