बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, रंगपुर और कुश्तिया में हिंदुओं के घरों और दुकानों में भारी तोड़फोड़

ढाका। बांग्लादेश के रंगपुर और कुश्तिया जिलों में शनिवार को भीड़ द्वारा हिंसा की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। इन हमलों में एक मौलवी की हत्या कर दी गई और हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया।
रंगपुर के दासपाड़ा बाजार क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक रकीब हसन की हत्या के बाद भीड़ ने हिंदुओं के घरों और उनकी दुकानों में तोड़फोड़ की। पुलिस के अनुसार, यह हमला एक ‘तीसरे पक्ष’ द्वारा जांच को भटकाने के लिए किया गया था।
मृतक की मां ने स्पष्ट किया कि इस हत्या में हिंदू समुदाय का कोई हाथ नहीं था। रकीब की हत्या कथित तौर पर एक ड्रग तस्कर मोहम्मद मोमिन ने आपसी विवाद के कारण की थी।
दूसरी घटना कुश्तिया में हुई, जहां इस्लाम के अपमान के आरोप में भीड़ ने स्कूल शिक्षक और मौलवी शमीम रजा जहांगीर की हत्या कर दी। हमलावरों ने उनके ‘दरबार’ में आग लगा दी और उनके सात अनुयायियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
यहां भी कुछ हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया गया। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में ही सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाकों में पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन को तैनात किया गया है।
यहां भी कुछ हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया गया। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में ही सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रभावित इलाकों में पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन को तैनात किया गया है।



