छत्तीसगढ़

बाल विवाह रोकथाम, महिला सशक्तिकरण और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक हो रहे ग्रामीण

रायपुर- महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर में महिलाओं, बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। 

इसी क्रम में सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी में वित्तीय साक्षरता एवं सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को बाल विवाह रोकथाम, महिला अधिकारों, साइबर सुरक्षा तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।

शिविर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही किशोरियों की सुरक्षा, लैंगिक अपराधों की रोकथाम तथा गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 एवं आपातकालीन सेवा 112 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। घरेलू हिंसा से संरक्षण संबंधी कानूनी प्रावधानों तथा सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध सहायता एवं परामर्श सेवाओं से भी ग्रामीणों को अवगत कराया गया।

महिला सशक्तिकरण केंद्र के विशेषज्ञों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना तथा सुकन्या समृद्धि योजना सहित महिलाओं और बालिकाओं के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया गया।

शिविर में नशा मुक्ति, बालिकाओं की शिक्षा और सामाजिक मूल्यों के महत्व पर भी विशेष बल दिया गया। विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी सामग्री का वितरण कर ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम, महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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