UP की बेटी ‘सिमरन शर्मा’ को Arjun Award, जानिए जन्म से दृष्टबाधित बिटिया की सफलता की कहानी

जन्म से दृष्टिबाधित हैं सिमरन शर्मा
बता दें कि जन्म से दृष्टिबाधित सिमरन शर्मा मोदीनगर की लक्ष्मी नगर कॉलोनी में जन्मी हैं। उनकी शादी मोदीनगर के कृष्णा कुंज में हुई है। सिमरन के पति ने उन्हें खेल के लिए प्रेरित किया और कोचिंग भी दी। सिमरन ने अपने खेल करियर की शुरुआत 2018 में की और तब से लेकर अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। सिमरन शर्मा के पति गजेंद्र सिंह फौज में अधिकारी हैं। सिमरन शर्मा के संघर्ष में उनके पति ने बहुत साथ दिया है।
हमेशा से ही मेहनती और लगनशील थीं सिमरन
2024 पेरिस पैरालंपिक में 200 मीटर टी 12 फाइनल में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया। इससे पहले, 2022 एशियाई पैरा गेम्स में उन्होंने दो रजत पदक और 2023 खेलो इंडिया में तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। सिमरन हमेशा से ही मेहनती और लगनशील थीं। उन्होंने अपनी मेहनत से हर मुश्किल को पार किया और आज इस मुकाम पर पहुंची हैं। सिमरन ने नई दिल्ली के साईं जेएलएन स्टेडियम में प्रशिक्षण लिया और अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाया।
देश का और गाजियाबाद का नाम रोशन हुआ – परिवार
सिमरन शर्मा के परिवार ने कहा यह हमारे लिए गर्व का विषय है। सिमरन को अर्जुन अवार्ड मिला है। देश का और गाजियाबाद का नाम रोशन हुआ है। मिठाई खिला कर परिवार ने बधाई दी। वहीं बधाईयों का तांता भी लगा हुआ है। उनकी यह उपलब्धि न केवल गाजियाबाद बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि मेहनत और लगन से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।


