अंतर्राष्ट्रीय

ईरान-पाकिस्तान कनेक्शन पर अमेरिका में बवाल, इस्लामाबाद के रोल पर उठ रहे सवाल

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की ईरान-अमेरिका मध्यस्थता भूमिका पर सवाल उठाए हैं, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान ने कथित तौर पर ईरानी सैन्य विमानों को पनाह दी थी।

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अगर मीडिया रिपोर्ट सही साबित होती है, तो ईरान, अमेरिका और अन्य पक्षों के बीच मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका का पूरी तरह से दोबारा आकलन करना पड़ेगा।

लिंडसे ग्राहम ने कहा कि पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के पहले दिए गए कुछ बयानों को देखते हुए उन्हें यह खबर सच लगने पर हैरानी नहीं होगी। उनका बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया कि पाकिस्तान ने चुपचाप ईरानी सैन्य विमानों को अपने यहां ठहरने की अनुमति दी थी।

सीबीएस न्यूज की पत्रकार जेनिफर जैकब्स की रिपोर्ट में कहा गया कि जब पाकिस्तान खुद को तेहरान और वाशिंगटन के बीच कूटनीतिक माध्यम के रूप में पेश कर रहा था, उसी दौरान उसने कथित तौर पर ईरानी सैन्य विमानों को अपने देश में जगह दी, ताकि वे संभावित अमेरिकी हवाई हमलों से बच सकें।

ईरान पर अमेरिका का आर्थिक दबाव जारी

उधर, अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे ईरानी सेना खुद को दोबारा संगठित करने की कोशिश कर रही है, वैसे-वैसे अमेरिका का ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ अभियान जारी रहेगा।

स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरानी शासन को उसके हथियार कार्यक्रमों, आतंकवादी संगठनों और परमाणु महत्वाकांक्षाओं के लिए फंडिंग मिलने से रोकने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रेजरी विभाग ईरान को उन वित्तीय नेटवर्क से अलग करता रहेगा जिनका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के लिए किया जाता है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button