आज शांति के टेबल पर अमरीका-ईरान वार्ता पर दुनिया की नजर

अमरीका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले ईरान ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दे डाली है। ईरान ने कहा है कि वे दुश्मनों को दोबारा हथियार उठाने का मौका नहीं देंगे। उसने कहा कि दस्तावेजों पर तब तक हस्ताक्षर नहीं होंगे, जब तक सीजफायर की गारंटी न मिल जाए। अहम बात यह भी है कि ईरान के उपविदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने बताया है कि बातचीत सिर्फ 10 प्वाइंट्स पर ही आधारित होगी। ईरान ऐसा सीजफायर नहीं चाहता, जो दुश्मन को फिर से हथियार जुटाने और फिर से हमला करने का मौका दे दे। ईरान इस बात पर जोर देता है कि किसी भी समझौते के बाद दोबारा अटैक न हो और इसकी गारंटी मिलनी चाहिए। बता दें कि अमरीका और ईरान के बीच करीब 40 दिनों के बाद सीजफायर पर सहमति बनी थी, लेकिन लेबनान के हालात अब भी ठीक नहीं हैं। इजरायल उस पर कई बार हमले कर चुका है। ईरान ने अमरीका के साथ बातचीत में लेबनान को लेकर भी शर्त रखी है।
उसका कहना है कि लेबनान को भी सीजफायर डील में शामिल किया जाना चाहिए। इसी बीच ईरान से बातचीत के लिए अमरीकी उपराष्ट्रपति शुक्रवार शाम पाकिस्तान को रवाना हुए हैं। न्यूयार्क से रवाना होते वक्त उन्होंने कहा कि ईरान ईमानदारी से बातचीत करे और कोई ‘खेल’ न खेले। वेंस ने कहा कि अगर तेहरान गुड फेथ में बात करेगा, तो अमरीका भी खुले तौर पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अगर वह चालाकी करने की कोशिश करता है, तो अमरीकी टीम सख्त रुख अपनाएगी। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच अहम बैठक होने वाली है। लेकिन बैठक से पहले ही अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि ईरानी डेलिगेशन खबर लिखे जाने तक पाकिस्तान नहीं पहुंचा था। ईरान लेबनान में जारी इजरायली हमलों से नाराज है और इसी वजह से उसने बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
रूस-यूक्रेन में सीजफायर
मास्को। दुनिया अमरीका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव में उलझी हुई है, वहीं रूस और यूक्रेन में चार साल से जारी संघर्ष में सीजफायर (युद्धविराम) हो गया है। हालांकि यह युद्धविराम सिर्फ 32 घंटे के लिए ही है। शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऑर्थोडॉक्स ईस्टर के लिए 32 घंटे के सीजफ़़ायर की घोषणा की है। यह विराम शनिवार को मॉस्को समय के अनुसार शाम चार बजे शुरू होगा और रविवार की आधी रात तक चलेगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी इसकी पुष्टि की है।



