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आज फाल्गुन कृष्ण पक्ष की तृतीया उपरांत चतुर्थी तिथि, शुभ-अशुभ समय,राहुकाल

Aaj Ka Panchang 11 February 2026: आज 11 फरवरी 2026 दिन बुधवार है. पंचांग के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 09 बजकर 25 मिनट तक रहेगी. इसके बाद दशमी तिथि हो जाएगी. सूर्योदय कालीन ग्रहों की बात करें तो सूर्य मकर राशि में है. बुध कुंभ राशि में हैं. चंद्रमा वृश्चिक राशि में है. मंगल मकर राशि में हैं. शुक्र कुंभ राशि में हैं. देव गुरु बृहस्पति मिथुन में हैं, शनि मीन में हैं. राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में मौजूद हैं.

आज का पंचांग 11 फरवरी 2026 दिन बुधवार

तिथि: फाल्गुन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 09 बजकर 25 मिनट तक उपरांत दशमी तिथि
वार: बुधवार
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
सूर्योदय: 06:30 AM
सूर्यास्त: 05:39 PM
अयन: उत्तरायण
ऋतु: शिशिर

नक्षत्र, योग व करण

नक्षत्र: अनुराधा नक्षत्र सुबह 10:32 तक, उसके बाद ज्येष्ठा
योग: व्याघात योग रात 02:22 तक, उसके बाद हर्षण
करण: गर सुबह 7:20 तक, उसके बाद वणिज

ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)


चंद्रमा: वृश्चिक राशिसूर्य: मकर राशि
गुरु (बृहस्पति): मिथुन राशि (वक्री)
मंगल: मकर राशि
बुध: कुंभ राशि
शुक्र: कुंभ राशि
शनि: मीन राशि
राहु: कुंभ राशि
केतु: सिंह राशि

दिन का चौघड़िया (पटना)

लाभ (उन्नति): 06:30 AM से 07:53 AM
अमृत (सर्वोत्तम): 07:53 AM से 09:17 AM
काल (हानि): 09:17 AM से 10:40 AM
शुभ (उत्तम): 10:40 AM से 12:04 PM
रोग (अशुभ): 12:04 PM से 01:28 PM
उद्वेग (अशुभ): 01:28 PM से 02:51 PM
चर (सामान्य): 02:51 PM से 04:15 PM
लाभ (उन्नति): 04:15 PM से 05:39 PM

शुभ समय (मुहूर्त)

अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं (बुधवार को इस मुहूर्त का अभाव रहता है)
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:09 PM से 02:52 PM
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:56 AM से 05:43 AM

अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 12:04 PM से 01:28 PM
यमगण्ड: सुबह 07:53 AM से 09:17 AM
गुलिक काल: सुबह 10:40 AM से 12:04 PM
दिशाशूल: उत्तर दिशा (यदि यात्रा आवश्यक हो तो तिल या धनिया खाकर निकलें)

आज का विशेष योग व उपाय

विशेष: बुधवार को गणेश जी की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और कार्यों में सफलता मिलती है. उन्हें दूर्वा (घास) और मोदक अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है.
सरल उपाय: यदि किसी की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है, तो आज बुध देव की पूजा की जाती है. बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक हैं.

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