गैस संकट से पाकिस्तान में रमजान के पहले दिन हाहाकार, बिना सेहरी रोजा रखने को मजबूर हुए हजारों परिवार

Islamabad: रमजान के पहले दिन पाकिस्तान के कई शहरों में हाहाकार मच गई और हजारों परिवार बिना सेहरी रोजा रखने को मजबूर हो गए।रमजान, जो मुस्लिम समुदाय के लिए एक पवित्र महीना है, 2 मार्च से शुरू हो चुका है और 30 दिनों तक चलेगा। इसके बाद ईद-उल-फित्र मनाई जाएगी। लेकिन पहले ही दिन से गैस संकट ने पाकिस्तानी परिवारों के लिए रोज़े की तैयारियों को मुश्किल बना दिया है। कराची, रावलपिंडी, लाहौर और अन्य शहरों में गैस संकट गहरा गया जिसके चलते लोग होटल और सड़क किनारे ढाबों पर खाने के लिए मजबूर हो गए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कराची के रिफाह आम सोसाइटी, मलिर, नाजिमाबाद, गुलबहार और रांचोर लाइन जैसे क्षेत्रों में गैस की भारी किल्लत रही। रावलपिंडी के छठा रोड, सैटेलाइट टाउन, ढोक कश्मीरियन, ढोक प्राचा, सर्विस रोड, ढोक काला खान, खुर्रम कॉलोनी और सादिकाबाद के निवासी भी इस समस्या से जूझते नजर आए।
सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन लिमिटेड (SNGPL) और सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) ने रमजान के दौरान सेहरी और इफ्तार के समय गैस आपूर्ति बनाए रखने का वादा किया था, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट दिखे।



