महाराष्ट्र

यह एक हादसा है, प्लीज राजनीति न करें, अजित पवार के प्लेन क्रैश पर बोले शरद पवार

अजित पवार की अचानक मौत महाराष्ट्र के लिए बहुत बड़ा झटका है। महाराष्ट्र ने एक ऐसा इंसान खो दिया है जो काबिल था और फैसले लेने की ताकत रखता था। जो भी नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन सब कुछ हमारे हाथ में नहीं है। मैं आज मीडिया के सामने नहीं आने वाला था, लेकिन मुझे पता चला कि कलकत्ता से कुछ मीडिया आउटलेट्स ने यह बात रखी है कि इस हादसे के पीछे कुछ पॉलिटिक्स है। लेकिन इसमें कोई पॉलिटिक्स नहीं है, यह पूरी तरह से एक हादसा है। महाराष्ट्र, हम सभी इस मौत से दुखी हैं। प्लीज़ इसमें पॉलिटिक्स न लाएं। बस इतना ही कहना है।

शरद पवार, (अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत होने पर)

मेरे बहुत अच्छे संबंध थे। उनका विजन था कि विकास होना चाहिए, इसीलिए वह महायुति में शामिल हुए थे। अजित पवार राजनीति के एक ऐसे ‘पावरफुल’ नेता थे, जिनके शब्दों में वजन और फैसलों में धार होती थी। दादा की प्रशासनिक पकड़ और समय की पाबंदी सभी के लिए एक आदर्श थी। जो मन में होता, वही बेझिझक सामने कह देते थे। ऐसे नेता का जाना महाराष्ट्र की राजनीति के एक तेज और प्रभावशाली युग का अंत है। महाराष्ट्र हमेशा से प्रगतिशील विचारधारा का गढ़ रहा है, और आज इस गढ़ का एक मजबूत बुर्ज़ ढह गया।

रामदास आठवले, केंद्रीय राज्य मंत्री

मेरा उनसे व्यक्तिगत संबंध रहा है। हमारा परिवार कभी भी उन्हें भूला नहीं सकता। महाराष्ट्र का एक धर्मनिरपेक्ष नेता हमारे बीच से चला गया, इसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता।

नवाब मलिक, अजित पवार के निधन पर

अजित पवार काे आज दी जाएगी अंतिम विदाई

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पार्थिव शरीर को बुधवार शाम पुणे जिले के बारामती स्थित एक शिक्षण संस्थान में लाया गया। इस दौरान, शोक संतप्त राकांपा कार्यकर्ताओं के अलावा स्थानीय निवासी काफी संख्या में वहां एकत्र थे। उन्होंने दिवंगत नेता के सम्मान में नारे लगाए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष के पार्थिव शरीर को जब उनके गृह क्षेत्र बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के परिसर में लाया गया तो ‘अजित दादा अमर रहे’ और ‘अजित दादा लौट आओ’ जैसे नारे गूंज रहे थे। श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उनके पार्थिव शरीर को शिक्षण संस्थान परिसर में रखा गया। पवार के पार्थिव शरीर को फूलों से सजे एक वाहन पर बारामती के मेडिकल कॉलेज से विद्या प्रतिष्ठान लाया गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर खड़े लोग भावुक हो गए और रोने लगे। अजित पवार अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11 बजे, पवार परिवार द्वारा स्थापित विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। NCP के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह विद्या प्रतिष्ठान मैदान में होने वाले अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं।

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