मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जाम में 8 घंटे फंसा ये उद्योगपति, हेलीकॉप्टर से किया एयरलिफ्ट

मुंबई: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट खंड में एक गैस टैंकर पलटने के बाद 30 घंटे तक लंबा जाम लग गया। सैकड़ों वाहन एक्सप्रेसवे पर फंस गए और दोनों मार्गों पर भारी जाम लग गया। एक्सप्रेसवे पर रात भर वाहन फंसे रहे। इस एक्सप्रेसवे से गुजर रहे हजारों यात्रियों को भोजन, पानी और शौचालय की सुविधा नहीं मिल पाई। जाम के चलते वाहनों की कतारें 20-22 किलोमीटर तक लंबी हो गईं। इस जाम में फंसे लोगों में उद्योगपति और पिनेकल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता भी शामिल थे। वो पुणे जा रहे थे। वो लगभग आठ घंटे जाम में फंसे रहे। उन्हें बाद में हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। मेहता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जाम को लेकर एक पोस्ट साझा की, जिसने सबका ध्यान खींचा।
एक्स पर क्या लिखा
डॉ. सुधीर मेहता ने अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट करते हुए लिखा कि पिछले 18 घंटों से लाखों लोग मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे पर एक गैस टैंकर की वजह से फंसे हुए हैं। ऐसी इमरजेंसी के लिए हमें एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग पॉइंट्स पर एग्जिट प्लान करने चाहिए, जिन्हें गाड़ियों को वापस जाने देने के लिए खोला जा सके। हेलीपैड बनाने में 10 लाख रुपये से भी कम खर्च आता है और इसके लिए एक एकड़ से भी कम खुली जगह की ज़रूरत होती है। इमरजेंसी में लोगों को निकालने के लिए एक्सप्रेसवे के पास अलग-अलग पॉइंट्स पर ये अनिवार्य होने चाहिए। मेहता ने एविएशन कंसल्टेंट और एयर फोर्स के पूर्व सैनिक नितिन वेल्डे का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने हेलीकॉप्टर से उन्हें निकालने का इंतज़ाम किया, जिससे वह सुरक्षित रूप से पुणे लौट पाए।
कैसे लगा जाम
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब पांच बजे व्यस्त राजमार्ग पर ज्वलनशील प्रोपलीन गैस ले जा रहा गैस टैंकर पलट गया। टैंकर से ज्वलनशील प्रोपलीन गैस का रिसाव जारी रहने के कारण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की टीम को तैनात किया गया। अधिकारियों ने एक और टैंकर मंगवाया है और पलटे हुए वाहन से गैस को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया की। इस पूरी प्रक्रिया में दो घंटे से अधिक समय लगेगा।



