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एक ही सेंटर, एक ही सपना: जब सास-बहू, पति-पत्नी और देवरानी-जेठानी ने साथ में दिया एग्जाम!

छत्तीसगढ़ के एक परीक्षा केंद्र पर गजब नजारा देखने को मिला। इस परीक्षा केंद्र पर सास-बहू पति-पत्नी व देवरानी-जेठानी ने एक साथ परीक्षा दी। मौका था 23 मार्च को जिले में आयोजित उल्लास महापरीक्षा का। इस परीक्षा की जमकर चर्चा की जा रही है। प्रदेश में 19090 ने उल्लास महापरीक्षा दिया। इस परीक्षा का आयोजन 877 केंद्रों पर किया गया था।

धमतरी। सास-बहू, पति-पत्नी व देवरानी-जेठानी साथ-साथ परीक्षा दिलाए, अब तक न किसी ने सुना है और न ही देखा, लेकिन यह नजारा 23 मार्च को जिले में आयोजित उल्लास महापरीक्षा में देखने को मिला। इसकी चर्चा क्षेत्र में होती रही।

कहा जाता है सीखने और पढ़ने के लिए कोई उम्र बंधन नहीं है। हर उम्र में पढ़ा व सीखा जाता है। बस लगन व दृढ़ इच्छा शक्ति हो, तो जीवन में कोई भी चीज असंभव नहीं है।

कई लोग बचपन में असुविधाओं व दिक्कतों के कारण पढ़ाई नहीं कर पाया, ऐसे लोगों के लिए इन दिनों जिले में उल्लस नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत महापरीक्षा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें उम्र दराज के लोग परीक्षा दिला रहे हैं।

एक ही परिवार के लोग क्लास में परीक्षा देने पहुंचे

एक ही परिवार के कई सदस्य परीक्षा दे रहे हैं। सास-बहू साक्षर होने साथ-साथ परीक्षा दे रही है, जो इस परीक्षा में चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे ही कई अन्य महिला व पुरूष रिश्तेदार भी महापरीक्षा में शामिल हो रहे हैं। उल्लास महापरीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षार्थियों में परीक्षा को लेकर काफी उत्साह था, क्योंकि लंबी उम्र के बाद पढ़ने-लिखने व परीक्षा दिलाने का उनका सपना पूरा हो रहा है।यह मौका उन्हें बचपन में नहीं मिला, तो बूढ़ा होने पर मिल रहा है, यही वजह है कि इस उल्लास महापरीक्षा को लेकर शिक्षार्थियों में परीक्षा को लेकर काफी दिलचस्पी है। 23 मार्च को जिले में उल्लास महापरीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा सुबह 10 से शाम पांच बजे के बीच शिक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे।

परीक्षा देने वालों की खूब हुई चर्चा

परीक्षा देने पहुंचे शिक्षार्थी के रिश्ते-नाते को लेकर चर्चा होती रही। क्योंकि ग्राम काशीपुर में सास-बहू ने एक साथ परीक्षा दी। वहीं, ग्राम झिरिया में पति-पत्नी, ग्राम कानीडबरी में देवरानी-जेठानी और सास बहू ने उल्लास परीक्षा दिया। वहीं, कई परीक्षा केंद्रों में छोटे बच्चों को लेकर शिक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे हुए थे। इन लोगों को इस तरह लंबी उम्र में पढ़ाई देते देख लोग आश्चर्य रहे और कहते रहे कि पढ़ाई-लिखाई व परीक्षा देने कोई समय सीमा का उम्र नहीं है, बस पढ़ाई के लिए लगन जरूरी है।

19090 ने उल्लास महापरीक्षा दिया

  • जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत 23 मार्च को महापरीक्षा आयोजित किया जाएगा। जिसमें पंजीकृत कुल 19150 शिक्षार्थियों में 19090 ने उल्लास महापरीक्षा दिया।
  • वहीं, 60 शिक्षार्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे। जिले में बुनियादी शिक्षा देने के उद्देश्य से उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
  • जिसमें 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को 200 घंटे का अध्यापन कराकर बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रदान कर नवसाक्षर बनाना है। इन शिक्षार्थियों का रविवार को राज्यव्यापी महापरीक्षा आयोजित किया गया।

877 परीक्षा केंद्रों में हुई परीक्षा

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए जिले से महिला शिक्षार्थी 12750 और पुरुष शिक्षार्थी 6400 सहित कुल 19150 शिक्षार्थी पंजीकृत थे। परियोजना अधिकारी जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण खेमेन्द्र कुमार साहू और राज्य रिसोर्स पर्सन प्रीति शांडिल्य ने बताया जिले में उल्लास महापरीक्षा के लिए 877 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिसमें महिला 12710 और पुरुष 6380 सहित कुल 19090 शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।वहीं, 60 शिक्षार्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे। जिला कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश और जिला शिक्षा अधिकारी तेजराम जगदल्ले के मार्गदर्शन में निरीक्षण टीम बनाया गया था। जिसमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी धमतरी अमित तिवारी, नगरी के आर साहू, कुरूद चंद्र कुमार, मगरलोड मनीष कुमार ध्रुव सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों में जाकर निरीक्षण किया।

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