मॉर्निंग की ताजा खबर, सुप्रीम कोर्ट पर बीजेपी सांसद के बयान से बवाल, अनुराग कश्यप पर दूसरी FIR…

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1. निशिकांत दुबे के बयान से बीजेपी का किनारा
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट पर बीजेपी नेता और सांसद निशिकांत दुबे के बयान को लेकर हंगामा शुरू हो गया है। निशिकांत दुबे के बयान को लेकर कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी तक सभी विरोधी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने दुबे के बयान की कड़ी आलोचना की है।
जयराम रमेश ने सरकार पर जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाने और उसे कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग, मंत्री और बीजेपी के सांसद सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बोल रहे हैं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि कानून बनाते समय संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ नहीं जाना चाहिए। अगर कोई कानून संविधान के खिलाफ है, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। जयराम रमेश ने इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे कई मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के सरकार के फैसलों को असंवैधानिक बताने का भी जिक्र किया।
‘अराजक भाषा लोकतंत्र के लिए खतरनाक’
बीजेपी नेता निशिकांत दुबे के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी नाराजगी जाहिर की। पवन खेड़ा ने कहा कि ना इनकी संविधान में आस्था है और ना ही इनका न्यायपालिका में विश्वास है। भाजपा के सांसद की ये अराजक भाषा लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। ये सब मोदीजी की मूक सहमति से हो रहा है।
निशिकांत दुबे के बयान पर सपा भी हमलावर
बीजेपी नेता के बयान पर समाजवादी पार्टी ने भी हमला बोला है। उनके बयान पर निशाना साधते हुए सपा नेता एसटी हसन ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम के नाम पर वोट हासिल करने की कोशिश करने वाले लोग अराजकता फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। जिन लोगों को अजान, हिजाब पसंद नहीं है और जो मदरसों पर बुलडोजर चलाते हैं, वही लोग गृहयुद्ध कर रहे हैं, न कि सुप्रीम कोर्ट। सुप्रीम कोर्ट संविधान और लोकतंत्र की रक्षा कर रहा है।
सीपीआई ने भी दुबे पर साधा निशाना
इस बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता बिनॉय विश्वम ने भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे की सुप्रीम कोर्ट पर हालिया टिप्पणी न्यायपालिका पर एक जबरदस्त हमला है। यह संविधान के मानदंडों का उल्लंघन है। भाजपा और आरएसएस देश में सभी प्रकार के सांप्रदायिक तनावों के लिए एकमात्र कारण हैं।
बीजेपी ने किया बयान से किनारा
निशिकांत दुबे के बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया है। जेपी नड्डा ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और दिनेश शर्मा का न्यायपालिका एवं देश के चीफ जस्टिस पर दिए गए बयान से भारतीय जनता पार्टी का कोई लेना–देना नहीं है। यह इनका व्यक्तिगत बयान है, लेकिन भाजपा ऐसे बयानों से न तो कोई इत्तेफाक रखती है और न ही कभी भी ऐसे बयानों का समर्थन करती है। भाजपा इन बयान को सिरे से खारिज करती है। रतीय जनता पार्टी ने सदैव ही न्यायपालिका का सम्मान किया है, उनके आदेशों और सुझावों को सहर्ष स्वीकार किया है,क्योंकि एक पार्टी के नाते हमारा मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय सहित देश की सभी अदालतें हमारे लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं तथा संविधान के संरक्षण का मजबूत आधारस्तंभ हैं। नड्डा ने इन दोनों को और सभी को ऐसे बयान ना देने के लिए निर्देशित किया है।
2. मैं झगड़े अलग रखने को तैयार हूं- उद्धव ठाकरे
शिव सेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे भारतीय कामगार सेना की वार्षिक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कामगार सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोई काम शुरू करना आसान हो सकता है। लेकिन 57 साल की उम्र में भी उसे जारी रखना कठिन है। इस बैठक में बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ आने के लिए कुछ शर्तें रखीं।
3. दिल्ली में बिल्डिंग ढही, 11 लोगों की मौत
दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके के शक्ति विहार में एक 4 मंजिला इमारत ढह गई। सुबह-सुबह हुए इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद कुछ घायलों को अस्पताल में इलाज चल रहा है।
4. अनुराग कश्यप पर मुंबई के बाद इंदौर में FIR
फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। ब्राह्मणों पर विवादित टिप्पणी के चलते पहले मुंबई और अब इंदौर में भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि उनकी टिप्पणी से ब्राह्मण समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिसके चलते कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।


