अडानी के खिलाफ मामला न लगने पर बिफरे जज; खंडपीठ ने पूछा, आखिर किसके कहने पर…

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड बनाम अडानी पावर के बीच चल रहे मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन केस बैंच के सामने सूचीबद्ध ही नहीं किया जा सका। जब जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने इस बावत जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस पीवी संजय कुमार की खंडपीठ के सामने मुद्दा उठाया, तो पीठ ने केस की लिस्टिंग नहीं होने पर हैरानगी जताई। खंडपीठ ने पूछा कि आखिर ऐसा किसके कहने पर हुआ? वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने खंडपीठ के सामने मामले में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की लापरवाही उजागर करते हुए कहा कि हाई कोर्ट में ऐसा असंभव है कि केस की लिस्टिंग ही न हो। दवे ने कहा कि यह बहुत परेशान करने वाला है कि रजिस्ट्री मामलों को सूचीबद्ध नहीं कर रही है।
दवे ने दोनों जजों की पीठ से इस मामले में गुजारिश करते हुए कहा कि लॉर्डशिप को न्यायिक आदेश पारित करना चाहिए। इस पर जस्टिस ए बोस ने पूछा कि इसे सूचीबद्ध किया जाना था, तो दुष्यंत दवे ने बताया कि सहायक रजिस्ट्रार ने कहा है कि उनके पास इस केस को लिस्ट नहीं करने का आदेश है। दवे ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर इस घटना के पीछे सरकार है, तो यह अदालत की अवमानना है। बाद में अदालत ने मामले को 24 जनवरी को ताजा मामलों के बाद पहले केस के रूप में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया।



