स्वास्थ्य

किडनी डैमेज होने का पहला संकेत दे रही आंखें, नई स्टडी में बड़ा दावा

डेस्क: सुबह जब उठते हैं तो बहुत से लोगों की आंखों के आसपास सूजन या सूजा हुआ हिस्सा (Puffy Eyes) दिखता है। अक्सर इसे नींद की कमी, ज्यादा सोना, रोना या थकान की वजह से समझा जाता है पर अगर यह लक्षण लगातार बना रहे तो यह आपके शरीर में कहीं छिपी गंभीर बीमारी जैसे किडनी फेलियर का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।

पफी आईज क्या है?

पफी आईज यानी आंखों के नीचे और आसपास की त्वचा का सूज जाना किसी समय हल्का होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह बढ़कर गहरी सूजन बन जाती है। लोग इसे अक्सर क्रीम या घरेलू उपायों से दूर करने की कोशिश करते हैं लेकिन यह शरीर में पानी रुकना और प्रोटीन लीक होना किडनी खराब होने का संकेत हो सकता है।

रिसर्च में क्या दावा किया गया?

मेडिकल जर्नल “द लैंसेट” में प्रकाशित शोध में बताया गया कि अगर सुबह उठने पर नियमित रूप से आंखों में सूजन रहती है तो यह किडनी फेल होने का संकेत हो सकता है। किडनी खून से फालतू पानी और विषैले तत्व निकालती है लेकिन जब वह यह काम ठीक से न कर पाए तो यूरिन से प्रोटीन निकलने लगता है और शरीर में पानी जमा होने लगता है। इसका पहला असर आंखों और चेहरे पर दिखता है।

किडनी डैमेज के अन्य संकेत

बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में, पेशाब में झाग या बदबू, लगातार थकान और कमजोरी, भूख कम लगना, पैरों और टखनों में सूजन, चेहरे पर पीलापन, आंखों के नीचे डार्क सर्कल। अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

किन लोगों को अधिक खतरा है?

कुछ समूहों में किडनी संबंधी समस्या होने का खतरा ज्यादा रहता है
डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
नमक या प्रोटीन का अधिक सेवन करने वाले
कम पानी पीने वाले
स्मोकिंग या अधिक शराब का सेवन करने वाले
पारिवारिक इतिहास में किडनी रोग
पफी आईज दिखे तो क्या करें?
आंखों के निचले हिस्से की सूजन नियमित हो रही हो

अगर ऊपर बताए गए अन्य लक्षण भी हों तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें, एक सामान्य यूरिन टेस्ट (पेशाब जांच) करवाएं, ब्लड टेस्ट व किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) कराएं। इनसे पता चलता है कि पेशाब में प्रोटीन की मात्रा कितनी है और किडनी का कार्य कैसा है।

किडनी को स्वस्थ कैसे रखें?

रोजाना 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं, नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, वजन संतुलित रखें, स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाएं, ब्लड प्रेशर व शुगर को कंट्रोल रखें, साल में कम से कम एक बार पूरे स्वास्थ्य का परीक्षण करवाएं।

समय रहते सही जांच और उपचार से इसकी गंभीरता बढ़ने से रोकी जा सकती है। इसलिए जब पफी आईज जैसा लक्षण दिखे तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

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