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एपस्टीन फाइल्स का काला सच, सनसनी

एपस्टीन फाइल्स ने दुनियाभर में सनसनी मचाई है। लोग इन फाइलों को एक्सेस करना चाहते हैं और उन सरकारी वेबसाइटों पर जा रहे हैं जहां इन्हें अपलोड किया गया है। लेकिन अब एपस्टीन फाइल्स को एक जगह पर देखने का तरीका तैयार कर दिया गया है। इसका नाम जेमेल है। यह देखने में एकदम जीमेल की तरह है। कहते हैं इस पर जाकर जेफ्री एपस्टीन के ईमेल्स को बहुत आसानी से एक्सेस किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस टूल को सॉफ्टेवयर इंजीनियर रहे ल्यूक इगेल और राइली वाल्ज ने मिलकर तैयार किया है। कुल मिला कर एपस्टीन फाइलों ने साफ कर दिया है कि यह मामला सिर्फ एक अपराधी तक सीमित नहीं था, बल्कि ताकत, पैसे और प्रभाव का एक गहरा जाल था…

पूरे विश्व में चर्चा का विषय बनी हुई एपस्टीन फाइल्स करीब 60 लाख डॉक्युमेंट्स, इमेजेस और वीडियोज का संग्रह है जो अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन और उनकी पार्टनर मैक्सवेल से जुड़े यौन तस्करी के मामलों पर जानकारी देती है। इसे दुनिया में बाल शोषण से जुड़े दुनिया के ऊंचे लोगों द्वारा पर्दे के पीछे किए जा रहे घटिया और थर्ड क्लास कामों का कच्चा चि_ा कहा जा सकता है। एपस्टीन फाइल्स में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, ईमेल और सीक्रेट डॉक्युमेंट्स शामिल हैं, जिनमें दुनिया के नामचीन लोगों का नाम सामने आ रहा है। एपस्टीन फाइल्स से तात्पर्य उन सभी जांच दस्तावेजों, कोर्ट रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, ईमेल, संपर्क सूची और यात्रा विवरण से है, जो जेफ्री एपस्टीन के अपराधों से जुड़े हुए हैं। एक सोशल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसमें जो तस्वीरें सबसे ज्यादा परेशान करने वाली थीं, वे हैं ‘लोलिता’ के कोट वाली तस्वीरें। रूसी-अमेरिकी लेखक व्लादिमीर नबोकोव की नॉवेल ‘लोलिता’ 1955 में आई थी। यह एक 36 साल के आदमी के एक 12 साल की नाबालिग बच्ची के साथ शारीरिक संबंधों पर बेस्ड है। लोलिता को फ्रांस, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और अर्जेंटिना में बैन कर दिया गया था। इन तस्वीरों में दिख रहा है कि यूओन शोषण का शिकार लड़कियों के शरीर पर इस विवादित नॉवेल की लाइनें लिखी गई हैं। सुना जाता है कि एपस्टीन कोई मामूली आदमी नहीं था, इसका उठना-बैठना दुनिया के नामचीन लोगों के साथ था। न्यूयॉर्क में जन्मा एपस्टीन एक स्कूल टीचर था, लेकिन बाद में इसकी किस्मत ऐसी पलटी कि इसने जमकर पैसा और शोहरत कमाई।

फ्लोरिडा में एक बड़ी हवेली खरीदी, न्यू मैक्सिको में एक खेत लिया और न्यूयॉर्क में एक शानदार और बहुत बड़ा प्राइवेट हाउस भी बनाया। धीरे-धीरे उसका उठना-बैठना मशहूर हस्तियों, कलाकारों और बड़े राजनेताओं के साथ होने लगा। कहते हैं कि सब कुछ सही चल रहा था कि एपस्टीन को 2005 में फ्लोरिडा के पाम बीच में गिरफ्तार किया गया। उस पर 14 साल की लडक़ी को यौन संबंध बनाने के लिए पैसे देने का आरोप लगा था। इसके बाद दर्जनों और नाबालिग लड़कियों ने भी बताया कि उनके साथ ऐसा ही यौन शोषण हुआ था। लेकिन 2008 में सरकारी वकीलों ने आखिर में इस अमीर आदमी पर सिर्फ एक लडक़ी से जुड़े मामले में आरोप तय किए। उसे 13 महीने की सजा हुई, जो उसने जेल के वर्क-रिलीज प्रोग्राम में काटी, यानी दिन में काम पर जाता था और बाकी समय जेल में रहता था। गार्जियन अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार एपस्टीन नाबालिग लड़कियों को हासिल करने के लिए हद तक पागल था। लड़कियां 18 साल से कम उम्र की ही हैं, यह कन्फर्म करने के लिए आईडी जांचने पर जोर दिया जाता था। साथ ही उम्र और नस्ल के आधार पर विशिष्ट प्राथमिकताएं भी थीं। सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार एपस्टीन फाइलों के तहत 30 लाख से अधिक पेपर सार्वजनिक किए गए हैं। इन फाइलों में 2000 से ज्यादा वीडियो और करीब 1 लाख 80 हजार तस्वीरें शामिल हैं। जैसे ही ये दस्तावेज सामने आए, राजनीति, शाही परिवारों और कॉरपोरेट जगत में हडक़ंप मच गया। जारी फाइलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और ब्रिटेन के पूर्व राजकुमार एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर जैसे बड़े नाम दर्ज हैं। इन नामों के सामने आते ही मीडिया में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर एपस्टीन के नेटवर्क की पहुंच कितनी गहरी थी। सबसे चौंकाने वाला नाम नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेटे-मैरिट का है। दस्तावेजों में उनका नाम करीब 1000 बार सामने आया है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2011 से 2014 के बीच एपस्टीन के साथ उनके ईमेल और बातचीत के सबूत मिले हैं। कुछ निजी और असहज चैट सार्वजनिक होने के बाद मेटे-मैरिट ने इसे अपनी ‘शर्मनाक दोस्ती’ बताया और खुले तौर पर माफी मांगी। नॉर्वे के शाही महल ने कहा कि 2014 में ही उन्होंने एपस्टीन से संपर्क तोड़ लिया था। यह खुलासा ऐसे समय आया है, जब नॉर्वे का शाही परिवार पहले ही विवादों में है।

क्राउन प्रिंसेस के बेटे मारियस बोर्ग होइबी पर रेप सहित 38 गंभीर आरोपों की सुनवाई चल रही है। ऐसे में एपस्टीन फाइल्स ने शाही परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ब्रिटेन के पूर्व राजकुमार एंड्रयू पर भी एपस्टीन मामले में इल्जाम लग रहे हैं। सामने आई तस्वीरों और आरोपों के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि एंड्रयू को अमेरिकी कांग्रेस के सामने गवाही देनी चाहिए। पहले ही किंग चाल्र्स थ्री उनसे कई शाही उपाधियां छीन चुके हैं। आरोप है कि नाबालिग लडक़ी की तस्करी कर उनसे यौन संबंध बनाए गए थे। और तो और एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल एलन मस्क का नाम भी फाइलों में दर्ज है। 2012-13 के ईमेल में एपस्टीन और मस्क के बीच निजी द्वीप पर जाने को लेकर बातचीत दिखाई देती है। एपस्टीन कनेक्शन सामने आते ही कई कुर्सियां हिल गई हैं। स्लोवाकिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने इस्तीफा दे दिया है। 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक प्रमुख केसी वासरमैन ने एपस्टीन की पूर्व प्रेमिका घिसलीन मैक्सवेल से पुराने ईमेल सामने आने पर माफी मांगी। वहीं अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व दूत पीटर मैंडेलसन ने लेबर पार्टी छोड़ दी, हालांकि उन्होंने आरोपों को झूठा बताया।

एपस्टीन फाइल्स ने दुनियाभर में सनसनी मचाई है। लोग इन फाइलों को एक्सेस करना चाहते हैं और उन सरकारी वेबसाइटों पर जा रहे हैं जहां इन्हें अपलोड किया गया है। लेकिन अब एपस्टीन फाइल्स को एक जगह पर देखने का तरीका तैयार कर दिया गया है। इसका नाम जेमेल है। यह देखने में एकदम जीमेल की तरह है। कहते हैं इस पर जाकर जेफ्री एपस्टीन के ईमेल्स को बहुत आसानी से एक्सेस किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस टूल को सॉफ्टेवयर इंजीनियर रहे ल्यूक इगेल और राइली वाल्ज ने मिलकर तैयार किया है। कुल मिला कर एपस्टीन फाइलों ने साफ कर दिया है कि यह मामला सिर्फ एक अपराधी तक सीमित नहीं था, बल्कि ताकत, पैसे और प्रभाव का एक गहरा जाल था। एपस्टीन फाइल्स ने जिन नामों को उजागर किया है, वे अपने देशों में किसी भी परिचय के मोहताज नहीं हैं। दस्तावेजों से साफ है कि एपस्टीन का प्रभाव किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था। यह फाइल्स एक तरफ कुख्यात यौन अपराधी की ऊंचे लोगों को पेशेवर ब्लैकमेल करने की मनोवैज्ञानिक आदत, दूसरी तरफ विश्व के चुनिन्दा सत्ताधीशों की अतृप्त सेक्स कुंठाओं का धुंधला आईना और उनके किए जा रहे बाल यौन शोषण का काला चि_ा है।-डा. वरिंद्र भाटिया

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