जमीन को अपने नाम कराकर बेचा, दस साल से फरार आरोपी झारखंड से गिरफ्तार

बलरामपुर: रामानुजगंज थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज के जरिए सरकारी जमीन को एक शख्स ने अपने नाम कराया. फिर उसे एक कोल माइनिंग कंपनी को बेच दिया. दस साल पुराने इस मामले में फरार चल रहे आरोपी को रामानुजगंज पुलिस ने झारखंड के गढ़वा से गिरफ्तार किया है. आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
250 एकड़ सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचा: बलरामपुर के रामानुजगंज थाना क्षेत्र के इंदरपुर खोरी गांव में 250 एकड़ सरकारी जमीन से जुड़ा यह मामला है. इस जमीन के पहले फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए और आरोपी ने जमीन अपने नाम कराया. फिर उसने कोल माइनिंग कंपनी को बेच दिया.
रामानुजगंज थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने बताया कि रामानुजगंज थाना क्षेत्र के इंदरपुर खोरी गांव में सरकारी भूमि पर छोटे बड़े झाड़ थे. आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराया और लगभग 250 एकड़ भूमि को बेच दिया था.
साल 2015 में हुई एफआईआर दर्ज: इस मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने साल 2015 में एफआईआर दर्ज किया था. फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मुख्य आरोपी मोहम्मद याकूब केस दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहा था, जिसे पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है.
रामानुजगंज थाना प्रभारी ने बताया कि साल 2015 में थाना रामानुजगंज में धारा 420, 467, 468 471 सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया गया था. याकूब नाम का आरोपी फरार चल रहा था, जिसे मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया है. आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
रामानुजगंज थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी के मुताबिक इस पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है. अन्य आरोपियों की तलाश भी पुलिस कर रही है. इस पूरे मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.



