Technology: कार्बन नैनोट्यूब की नई तकनीक से बन सकेगी बहुआयामी बैटरी, भारतीय शोधकर्ताओं ने खोजी नई विधि

भारतीय शोधकर्ताओं ने कार्बन नैनोट्यूब्स (सीएनटीएस) संबंधी एक नई तकनीक विकसित की है। इसके तहत एक ऐसी बैटरी बनाई जा सकती है जो बहुआयामी होगी। यह तकनीक ऊर्जा अनुसंधान, जैव चिकित्सा या बायोमेडिकल और प्रकाश इलेक्ट्रॉनिकी या ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक के लिए वरदान बन सकती है।
कार्बन नैनोट्यूब्स के असाधारण गुणों के चलते यह आधुनिक तकनीक को आगे बढ़ाने के लिए अहम है। उन्हें रिचार्ज की जा सकने योग्य बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस, पारदर्शी इलेक्ट्रोड, टच स्क्रीन और चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग में लाया जा सकता है।
एकत्र होगी अधिक ऊर्जा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अध्ययन संस्थान (आईएएसएसटी) के शोधकर्ताओं ने यह तकनीक विकसित की है। उनका कहना है कि यह विधि इलेक्ट्रिक कारों व सौर पैनलों के लिए अधिक ऊर्जा संग्रहीत कर सकती है।
इस तरह विकसित की तकनीक
शोधकर्ताओं ने 750 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर ग्लास सब्सट्रेट्स पर सीएनटी को सीधे संश्लेषित करने के लिए यह विधि विकसित की है।



