राष्ट्रीय

मणिपुर में सस्पेंस खत्म, संघर्षों के बीच नया सीएम होंगे युमनाम खेमचंद सिंह?

इंफाल: हिंसाग्रस्त रहे मणिपुर को नया मुख्यमंत्री मिल गया है. राजधानी इंफाल में पिछले डेढ़ घंटे से चल रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, युमनाम खेमचंद सिंह को बीजेपी विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया है. वे राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. इस बैठक में नॉर्थ ईस्ट समन्वयक संबित पात्रा, मणिपुर बीजेपी प्रभारी अजीत गोपछड़े और पर्यवेक्षक तरुण चुघ विशेष रूप से मौजूद रहे. युमनाम खेमचंद सिंह का मुख्यमंत्री चुना जाना राज्य में स्थिरता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. वे इससे पहले मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) और कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं. उनकी नियुक्ति के साथ ही राज्य में लंबे समय से चल रहा नेतृत्व परिवर्तन का सस्पेंस अब खत्म हो गया है. कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही वे राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और उनके मंत्रिमंडल का स्वरूप भी जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा.

कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह?

युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर में एक अनुभवी और कद्दावर नेता माने जाते हैं. सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से आने वाले खेमचंद सिंह का मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर बेहद दिलचस्प रहा है. वे मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) के रूप में काम कर चुके हैं और अपनी निष्पक्ष कार्यशैली के लिए लोकप्रिय रहे हैं. वर्तमान सरकार में उनके पास ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी.

राजनीति में आने से पहले वे एक खिलाड़ी के रूप में भी जाने जाते थे. वे ताइक्वांडो के मंझे हुए खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने इस खेल को राज्य में बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है. उनकी छवि एक ऐसे नेता की है जो स्थानीय मुद्दों को गहराई से समझता है और समाज के हर वर्ग के साथ तालमेल बैठाने में सक्षम है. चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बीजेपी आलाकमान ने उनके प्रशासनिक अनुभव और शांत स्वभाव पर भरोसा जताते हुए उन्हें विधायक दल का नेता चुना है.

राष्ट्रपति शासन की मियाद 12 फरवरी तक

बीरेन सिंह के राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के चार दिन बाद, पिछले साल 13 फरवरी को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था. राष्ट्रपति शासन इस साल 12 फरवरी को समाप्त होने वाला है. 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित रखा गया है.

राज्य विधानसभा में भाजपा के 37 विधायक हैं, जबकि उसके एनडीए सहयोगी दलों नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पास क्रमशः छह और पांच विधायक हैं. तीन निर्दलीय विधायक भी भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का समर्थन कर रहे हैं.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button