फुटबॉल का नया ‘किंग’ बना स्पेन, अर्जेंटीना से 60 साल पुराना हिसाब भी चुकता किया; लियोनेल मेसी का सपना टूटा

ईस्ट रदरफोर्ड: स्पेन और अर्जेंटीना के बीच न्यूजर्सी स्टेडियम में रविवार रात हुआ फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल फुल टाइम तक गोल रहित रहा। ऐसे में मैच एक्स्ट्रा टाइम (30 मिनट) तक पहुंचा। एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ (106वें मिनट) में फेरन टोरेस ने गोल कर स्पेन का खाता खोला।
इसके बाद कोई गोल नहीं हुआ और स्पेन ने 1-0 से मुकाबला अपने नाम किया। यह मैच पूरी तरह एकतरफा रहा। अर्जेंटीना कभी मैच में नजर ही नहीं आई। स्पेन ने इसके साथ ही अर्जेंटीना से 60 साल पुरानी हार का बदला भी ले लिया है। फीफा विश्व कप 1966 के फाइनल में अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था। इस हार के साथ ही लियोनेल मेसी का बैक टू बैक खिताब जीतने का सपना भी टूट गया है।
पहले हाफ का हाल
मैच से पहले बहुत मजबूत बताई गई स्पेन की टीम इस हाफ में अर्जेंटीना के हौसलों से पार नहीं पा सकी और गोल करने में नाकाम रही। दूसरी ओर अर्जेंटीना को भी इस हाफ में मौके बनाने में तकलीफ हुई और टीम का ज्यादातर वक्त स्पेन को गोल करने से रोकने और गेंद के साथ स्पेन के हाफ में घुसने की कोशिश करते हुए बीता।
गेंद अपने कब्जे में रखी
स्पेन ने मैच के शुरुआती 10 मिनट में ज्यादातर वक्त तक गेंद अपने कब्जे में रखी लेकिन इस दौरान अर्जेंटीना के फैंस ने अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और लगातार शोर मचाते रहे। इस दौरान लामिने यमाल ने एक शॉट भी लिया लेकिन अर्जेंटीना के डिफेंडर से लगकर गई गेंद को गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने आसानी से रोक लिया।
इसके बाद अर्जेंटीना ने धीरे-धीरे गेम पर पकड़ बनानी शुरू की और स्पेन की टीम को खूब परेशान किया। अर्जेंटीना की टीम काफी फिजिकल तरीके से खेल रही थी और स्पेन को इस बीच पैर जमाने में बहुत दिक्कतें हुईं। स्पेन की टीम इस हाफ के दौरान अपना नैसर्गिक खेल नहीं खेल पाई।
बड़ा झटका लगा
मैच के 44वें मिनट में अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा जब उनके डिफेंडर लिसांद्रो मार्टिनेज को चोट के चलते बाहर जाना पड़ा। मैदान पर उनकी जगह ली वरिष्ठ डिफेंडर निकलस ओतामेंदी ने। स्पेन की टीम ने हमला करने के कई प्रयास किए लेकिन अर्जेंटीना की टीम ने अपनी इच्छाशक्ति और फिजिकल गेम के दम पर उन्हें रोके रखा। मैच के पहले हाफ में अर्जेंटीना के लिए लियोनेल मेसी कुछ खास नहीं कर पाए, स्पेन ने उन्हें काबू में रखने में सफलता पाई।
पहले हाफ की अहम बातें
- मैच के 41वें मिनट में पहला येलो कार्ड देखने को मिला।
- स्पेन के काउंटर-अटैक को रोकने की कोशिश में लिसैंड्रो मार्टिनेज ने ओयारजाबल पर झपट्टा मारा।
- ऐसे में रेफरी ने उन्हें येलो कार्ड दिखाया।
- लिसैंड्रो मार्टिनेज इसके बाद ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं रहे और चोटिल होकर गिर गए।
- इस कारण उन्हें मैदान छोड़कर जाना पड़ा।
- सब्स्टीट्यूट के तौर पर निकोलस ओटामेंडी मैदान पर उतरे।
- पहले हाइड्रेशन ब्रेक तक स्पेन का बॉल पर 63% कब्जा था।
- पहले हाफ में मेसी मैच में ज्यादा नजर ही नहीं आए।
- 35वें मिनट में मैक एलिस्टर के फाउल के बाद अर्जेंटीना को बाईं ओर फ्री-किक मिली।
बदलाव के साथ दूसरे हाफ की शुरुआत
दूसरे हाफ की शुरुआत में अर्जेंटीना ने एक बदलाव किया। विंगर निको गोंजालेज की जगह डिफेंसिव मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस आए। 50वें मिनट में स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर कहासुनी हुई। ऐसे में रेफरी पेरेडेस को येलो कार्ड दिखाया।
दूसरे हाफ में स्पेन ने भी 2 चेंज किए। मिकेल ओयारजाबल और फैबियन रुइज की जगह फेरान टोरेस और पेड्री उतरे। फेरैन टोरेस और पाउ कुबारसी ने दूसरे हाफ के अंतिम समय में गोल के प्रयास किए।
90वें मिनट में एंजे फर्नांडीज, पाउ कुबारसी की ओर तेजी से भागते है और स्पेनिश सेंटर-बैक के साथ फाउल करते हैं। यह एंजो के लिए दूसरा पीला कार्ड है और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ता है। इंजरी टाइम में अर्जेंटीना को रेड कार्ड मिलता है और वह आगे 10 प्लेयर्स के साथ खेलती है।
रेफरी ने नहीं माना गोल
अतिरिक्त समय में दाईं ओर से एक गड़बड़-सा पास आता है और गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज अपनी जगह पर नहीं हैं। निको विलियम्स खाली नेट में गेंद डाल देते हैं, लेकिन रेफरी इसे गोल नहीं मानते। वे फाउल का इशारा करते हैं क्योंकि मिकेल मेरिनो का पैर ओटामेंडी पर लग गया था।
एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ में आखिरकार इंतजार खत्म हुआ और स्पेन का खाता खुला। 106वें मिनट में फेरन टोरेस ने गोल दागा। यह उनके वर्ल्डकप करियर का तीसरा गोल रहा। स्पेन ने अपनी 20वीं कोशिश में गोल किया। 113वें मिनट में फेरान टोरेस गोल एक बार फिर गेंद को नेट में पहुंचा देते हैं। हालांकि, यह गोल नहीं होता और लाइंसमैन का झंडा ऊपर उठ जाता है। फेरान बहुत ही मामूली अंतर से ऑफसाइड पाए जाते हैं। इसके बाद कोई गोल नहीं हुआ और स्पेन चैंपियन बन गई।

किलियन एम्बाप्पे बने गोल्डन बूट विजेता, रोड्री को मिला बेस्ट प्लेयर अवॉर्ड, देखें सभी विजेताओं की लिस्ट
फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे लगातार दो विश्व कप में ‘गोल्डन बूट’ जीतने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बन गए। वहीं विश्व विजेता स्पेन टीम के कप्तान रोड्री ने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का ‘गोल्डन बॉल’ अवॉर्ड जीता। स्पेन ने अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना तोड़ा और उसके कप्तान रोड्री ने मेसी को व्यक्तिगत पुरस्कार से भी वंचित कर दिया।
सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का गोल्डन ग्लव अवॉर्ड स्पेन के उनाई सिमोन ने जीता। स्पेन के खिलाफ फीफा विश्व कप 2026 के 8 मैचों में सिर्फ एक ही गोल पड़ा। जबकि स्पेन के ही पाउ कुबारासी ने अपनी ही टीम के लामिन यमाल को पछाड़कर सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल किया। कुबारासी स्पेन के लिए सेंटर बैक की भूमिका में खेलते हैं। वहीं नीदरलैंड की टीम ने फेयर प्ले अवॉर्ड जीता।
फीफा विश्व कप 2026 के अवॉर्ड्स विजेता
- गोल्डन बॉल (बेस्ट प्लेयर): रोड्री (स्पेन)
- गोल्डन बूट (टॉप स्कोरर): किलियन एम्बाप्पे (फ्रांस) – 10 गोल
- गोल्डन ग्लव (बेस्ट गोलकीपर): उनाई सिमोन (स्पेन)
- बेस्ट यंग प्लेयर: पाउ कुबारसी (स्पेन)
- फेयर प्ले ट्रॉफी: नीदरलैंड्स



