ज्योतिषी

सोनम रघुवंशी और राजा के रिश्ते में मंगल बना अमंगल, यूं हुआ रिश्ते का खून

Sonam Raghuwanshi Case : राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी पर ही हत्या करवाने का आरोप लगा है। पुलिस का दावा है कि सोनम ने सुपारी देकर राजा रघुवंशी की हत्या करवाई। इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स में सोनम रघुवंशी के पारिवारिक ज्योतिषी एनके पंडित के हवाले से दावा किया जा रहा है कि सोनम और राजा रघुवंशी की कुंडली में मांगलिक दोष था। वैसे आमतौर पर ज्योतिष में माना जाता है कि अगर दोनों वर-वधू दोनों की कुंडली में मंगल दोष होता है तो मंगल एक दूसरे के दोष को काट देता है और रिश्ते में परेशानी नहीं आती है, लेकिन यह भी जानने योग्य है कि 35 वर्ष की आयु तक मंगल का प्रभाव बना रहता है। इसके साथ ही यह भी देखा जाता है कि कुंडली में मंगल की स्थिति कैसी है और बाकी ग्रहों के साथ उसका कैसा संबंध बन रहा है, केवल सामान्य रूप से मांगलिक दोष की वजह से रिश्ता नहीं चल पाया यह कहना गलत होगा। ऐसे में आइये जानते हैं मांगलिक दोष क्या होता है, इसके प्रभाव क्या होता है और इसके उपाय क्या हैं, जिससे मंगल दोष में भी अपने वैवाहिक जीवन को सुखी और मंगलमय बना सकते हैं।

मांगलिक दोष क्या होता है
अगर किसी की जन्मकुंडली में मंगल ग्रह पहले, चौथे, 7वें, 8वें और 12वें भाव में मौजूद होता है तो उस जातक को मंगल दोष होता है। माना जाता है कि कुंडली में मंगल दोष होने से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं। इसके अलावा मंगल दोष होने की वजह से विवाह में देरी भी होती है। इसलिए हिंदू धर्म में विवाह से पहले कुंडली में मांगलिक दोष देखा जाता है। इसके साथ ही मंगल दोष के लिए योग्य ज्योतिष को अपनी कुंडली दिखानी चाहिए। क्योंकि मंगल दोष भारी और आंशिक दोनों तरह का होता है।

मांगलिक दोष के प्रभाव
अगर किसी की कुंडली में मंगल दोष प्रबल हो तो उसके वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ सकती हैं। परिवार में कलह क्लेश की आशंका अधिक रहती है। इसके साथ ही सेहत से जुड़ी परेशानी, अकाल मृत्यु और आर्थिक समस्याओं का डर भी बना रहता है। हालांकि ज्योतिष में मंगल दोष को खत्म करने के उपाय भी बताए गए हैं जिनसे वैवाहिक जीवन सुखी हो सकता है।

मंगल दोष के उपाय
मंगल दोष के प्रभाव को कम करने के कई उपाय बताए जाते हैं। इसमें से एक उपाय तो यही है कि जिस मध्य प्रदेश का यह मामला है वहीं उज्जैन में मंगलनाथ अंगारेश्वर मंदिर है। इसे मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है और यहां भात पूजा करवाई जाती है। चावल से मंगल ग्रह की पूजा करवाकर मंगल दोष के प्रतिकूल प्रभावों को शांत किया जाता है। इसके अतिरिक्त भी मंगल को दोष के उपाय बताए जाते हैंः

  • हनुमान जी का पूजा करें। सुंदरकांड का पाठ करें।
  • मंगल यंत्र की स्थापना करें। मंगलवार के दिन व्रत रखें।
  • भाई और साले से संबंध मधुर बनाए रखें। मंगलवार को किसी से उधार न लें।
  • नरसिंह देव और भगवान कार्तिकेय की पूजा करें। अपनी मातृभूमि का सम्मान करें।
  • मंगलवार को लाल मसूर, मूंग, गेहूं, लाल रंग के कपड़ों आदि का दान करें।
  • युवती की कुंडली में मंगल दोष है तो गुप्त रूप से पीपल के पेड़ से विवाह कराएं।
  • अगर अनजाने में मंगल दोष से युक्त व्यक्ति से विवाह हुआ है तो वट सावित्री और मंगला गौरी व्रत रखें।
  • मंगल दोष दूर करने के लिए घट विवाह भी किया जाता है।
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