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यूं ही नहीं है रूस मिलिट्री सुपरपावर, हथियारों के ऐसे जखीरे से आज भी डरता है अमेरिका

Russia Ukraine War: यूक्रेन ने रूस के 4000 किलोमीटर घुसकर पांच एयरबेस पर हमला किया है। इस हमले से रूस-यूक्रेन के बीच जंग तीन सालों के बाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। यूक्रेन ने रूस के हवाई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें जमीन पर मौजूद 41 रूसी बमवर्षक विमान तबाह हो गए। यूक्रेन ने रूस पर 2022 से अब तक का सबसे घातक हमला किया है। यूक्रेन के हमले के बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन आगबबूला हो गए हैं। 

कहा जा रहा है कि रूस अब यूक्रेन पर महाविनाशकारी जवाबी कार्रवाई कर सकता है। रूस के पास कई घातक मिसाइलें और ऐसे हथियार हैं, जिनसे हमला करने पर पूरी दुनिया हिल सकती है। इनमें दुनिया की सबसे घातक मानी जाने वाली रूस की “RS-28 सरमत” और “शैतान-2″(सतान-2) मिसाइल का नाम शामिल है। आज हम आपको अपनी खबर में रूस के कुछ सबसे खतरनाक हथियार के बारे में बताएंगे, जो पूरी दुनिया में तबाही ला सकते हैं। 

स मिसाइल का नाम रखा शैतान

रूस की सतान-2 मिसाइल बेहद खतरनाक मानी जाती है। इसके कारण पश्चिमी देशों ने इसका नाम “शैतान-2” रख दिया। यह एक इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। यह न्यूक्लियर मिसाइल एक बार में 15 से 16 न्यूक्लियर वार हेड लेकर जा सकती है। रूस ने सतान-2 को हाल ही में अपग्रेड किया है। अब मारक क्षमता 13 हजार से 16 हजार किलोमीटर तक हो गई है। रूस ने इसका अपडेटेड नाम “आरएस-28 सरमत” रखा है। रूस की इस मिसाइल को दुनिया का विनाश कहा जाता है।

कई शहरों को तबाह कर सकती है रूस की परमाणु मिसाइल

दुनिया में रूस की RS-28 सरमत और शैतान-2 मिसाइलों को सबसे खतरनाक माना जाता है। यह एक साथ कई शहरों का नामोनिशान मिटा सकती हैं। यूक्रेन द्वारा रूस के पांच बड़े एयरबेस पर ड्रोन हमले के बाद इस न्यूक्लियर मिसाइल के इस्तेमाल का खतरा बढ़ गया है। अगर रूस ने यूक्रेन पर इस मिसाइल से पलटवार करता है, तो विनाश से कोई बचा नहीं सकता। यह मानव सभ्यताओं का वजूद तक मिटा सकती हैं। 

रूस की खतरनाक मिसाइलें

बैलिस्टिक मिसाइलें 

आरएस-28 सरमत रूस की अत्याधुनिक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे “सतान-2” भी कहा जाता है। इसमें परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता है। इस मिसाइल से रूस लगभग पूरी दुनिया में कहीं भी हमला कर सकता है। 

टोच्का-यू 

रूस की मध्यम दूरी की बेहद खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसका इस्तेमाल दुश्मन के रणनीतिक ठिकानों को तबाह करने के लिए किया जाता है।

इस्कैंडर एम 

रूस की यह शॉर्ट-रेंज और सटीक हमले करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसका इस्तेमाल सैन्य ठिकानों और कमांड सेंटरों पर हमला करने के लिए किया जाता है।

क्रूज मिसाइलें 

कालिबर

यह समुद्र-आधारित क्रूज मिसाइल है, जिससे दुश्मन पर बहुत सटीक हमला किया जा सकता है। यूक्रेन के खिलाफ रूस ने सैन्य अभियानों में कालिबर मिसाइलों का व्यापक तौर इस्तेमाल किया है।  

ख-101

यह लंबी दूरी की एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल है। इसे रूसी विमानों से दागा जाता है।

परमाणु हथियार

रूस के पास स्ट्रैटेजिक परमाणु हथियार और टैक्टिकल परमाणु हथियार दोनों हैं। परमाणु हथियारों का इस्तेमाल वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मामला है। हालांकि, यह हथियार रूस को युद्ध में भारी दबाव बनाने की ताकत देते हैं।

हाइपरसोनिक मिसाइलें 

अवांगार्ड

यह एक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल है। यह ध्वनि से 20 गुना तेज गति से उड़ता है और एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकता है।

किंझल मिसाइल

किंझल एयर-लॉन्च्ड हाइपरसोनिक मिसाइल है। इसे फाइटर जेट से दागा जाता है। यह बहुत तेज और विनाशकारी है।

सैन्य विमान और ड्रोन

रूस के पास सुखोई-57, सुखोई-35 जैसे बेहद उन्नत फाइटर जेट हैं। इन उच्च क्षमता वाले लड़ाकू विमानों से मिसाइलें दागी जा सकती हैं  और बम बरसाए जा सकते हैं। इसके साथ ही रूस के पास ड्रोन भी हैं। इनका जासूसी और हमला दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 

भारी तोपखाना और मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS)

रूस के पास टोसा-एम, बैरिज-एसएम-एक्सएनयूएमएक्स जैसे सिस्टम हैं। इनसे एक साथ बड़ी संख्या में रॉकेट दागा जा सकता है। भारी तोपखाने से सैनिक ठिकानों और बंकरों को तबाह किया जा सकता है। 

S-500 एयर डिफेंस सिस्टम

रूस का S-500 उसके S-400 एयर डिफेंस सिस्टम वर्जन से काफी एडंवास है। S-500 अंतरिक्ष में भी दुश्मन के सैटेलाइट को मारकर गिरा सकता है। एस-400 फाइटर जेट्स, ड्रोन, क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को निशाना बना सकती हैं, जबकि S-500 हाइपरसोनिक मिसाइल को भी इंटरसेप्ट करके मार के गिरा सकती है। 

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