बंसल वन मॉल में रेड, 1 लाख का जुर्माना, लग्जरी रेस्टोरेंट में शौकीनों को परोसा जा रहा था फंगस लगा खाना!

भोपाल: राजधानी के लग्जरी और बड़े रेस्टोरेंट में खाना पीना कितना सुरक्षित है? शुक्रवार शाम को प्रशासन की टीम ने बंसल वन मॉल में चल रहे रेस्टोरेंट पर छापा मारा तो सच सामने आ गया। टीम ने नामी रेस्टोरेंट व बार में छापा मारकर फंगस लगा खाना और एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक जब्त की। कार्रवाई के दौरान संचालकों पर करीब 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जानकारी अनुसार राजधानी के बंसल वन मॉल में खाने-पीने के शौकीनों के लिए चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर निगम की मजिस्ट्रेट कोर्ट और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की जांच में कई नामी रेस्टोरेंट-बार में फंगस लगा खाना और एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक मिली। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाली बात यह रही कि एक ही फ्रिज में वेज और नॉनवेज खाद्य साम्रगी रखी मिली।
- छापे में फंगस लगा खाना और एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक मिली
- आइवरी रेस्टोरेंट और फ्लाइंग सॉसर समेत कई जगह जांच
- कई प्रतिष्ठानों पर जुर्माना, निगम कोर्ट को करीब 1 लाख रुपये राजस्व
- नामी रेस्टोरेंट-बार में मिली गड़बड़ी, माल की जब्ती कराई
किचन तक पहुंची टीमें तो बड़ी लापरवाही मिली
बंसल वन मॉल स्थित कई रेस्टोरेंट और बार में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य सामग्री और किचन की व्यवस्थाओं की जांच की। इस दौरान आइवरी रेस्टोरेंट और फ्लाइंग सॉसर समेत कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री के रखरखाव में लापरवाही सामने आई। जांच के दौरान किचन में फंगस लगी खाद्य सामग्री मिली। वहीं कुछ प्रतिष्ठानों में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक भी रखी मिली। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसे रखने के तरीके पर आपत्ति जताई।
वेज-नॉनवेज भी साथ रखने की बात सामने आई
जांच में कुछ जगह फ्रिज के अंदर वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री एक साथ रखे जाने की बात भी सामने आई। अधिकारियों ने साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के रखरखाव को लेकर भी रेस्टोरेंट संचालकों को निर्देश दिए।
कई प्रतिष्ठानों पर 25 हजार तक जुर्माना
नगर निगम मजिस्ट्रेट तरुणेन्द्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी टीम के साथ मौजूद रहे। अनियमितताओं के आधार पर संबंधित रेस्टोरेंट और बार संचालकों पर जुर्माना लगाया गया। कुछ प्रतिष्ठानों पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना किया गया। पूरी कार्रवाई से नगर निगम मजिस्ट्रेट कोर्ट को करीब 1 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।



