1500 करोड़ की प्रॉपर्टी, अब तक 100 महिलाओं के वीडियो, नासिक के ढोंगी बाबा की खुल रहीं परतें

मुंबई : ‘स्वयंभू बाबा’ और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के खिलाफ मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 1,500 करोड़ रुपये की संपत्ति और 100 आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं। अधिकारी ने बताया कि इस बरामदगी से जांच का दायरा बढ़ा है और नासिक पुलिस और आयकर विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है। खरात नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख है और जिससे वर्षों से कई नेता मिलने आते रहे हैं। खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था, जब 35-वर्षीय एक महिला ने उस पर तीन साल की अवधि में बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था।
अशोक खरातके खिलाफ सात महीने की गर्भवती महिला और एक अन्य महिला का फिर से विवाह कराने के नाम पर यौन शोषण करने के आरोप में दो और मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि एसआईटी ने 100 आपत्तिजनक वीडियो और खरात से संबंधित लगभग 1,500 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की है। आयकर विभाग खरात और उससे जुड़े लोगों की वित्तीय अनियमितताओं और संपत्ति की जांच कर रहा है, जबकि साइबर पुलिस वीडियो की जांच कर रही है।
तिजस्विनी सतपुते आईपीएस कर रहीं जांच
अधिकारी ने कहा कि जांच के दायरे और गंभीरता को देखते हुए, कई एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य डिजिटल फोरेंसिक और वित्तीय लेन-देन सहित साक्ष्यों की जटिल परतों का प्रबंधन करना है। आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व वाली एसआईटी खरात के खिलाफ छह मामलों की जांच कर रही है और उसने जनता से नासिक में आपराधिक मामलों से संबंधित किसी भी प्रासंगिक जानकारी के साथ आगे आने की अपील की है।
एसआईटी ने लोगों से की अपील
अधिकारी ने कहा कि एसआईटी ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वालों या आरोपी द्वारा किए गए अपराध की जानकारी देने वालों की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। अधिकारी ने बताया कि जांच दल में अपराध शाखा के पांच से दस अधिकारी शामिल हैं, जिनमें महिला कर्मी भी शामिल हैं। महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सदानंद दाते और राज्य सरकार जवाबदेही और त्वरित प्रगति सुनिश्चित करने के लिए जांच की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने अशोक खरात के खिलाफ आठ प्राथमिकी दर्ज की हैं।
दिसंबर 2025 में सामने आया मामला
पहला मामला 19 दिसंबर, 2025 को सामने आया, जब अशोक खरात ने खुद नासिक जिले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि दिनेश मनाजी परब ने शिकायतकर्ता और एक महिला से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो को पांच करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करने पर जारी करने की धमकी दी थी। पुलिस ने फोन कॉल रिकॉर्ड, संदेशों और स्क्रीनशॉट की जांच के बाद सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया।
फऱवरी में महिला पहुंची थाने
18 फरवरी, 2026 को अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक अन्य शिकायत दर्ज की गई, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि नीरज जाधव ने उसकी एआई तस्वीर बनाकर साझा की और उसे वायरल करने की धमकी दी। आरोपी ने तस्वीर हटा दी, लेकिन उसने धमकी देना जारी रखा था। मामला दर्ज किया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता ने पर्याप्त जानकारी नहीं दी। दूसरे मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने अशोक खरात के सहयोगियों से जुड़े उपकरणों से महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए।
गिरफ्तार नीरज जाधव ने खोली अशोक खरात की पोल
जाधव से पूछताछ के दौरान, खरात के सहयोगी योगेश भलेराव ने कुछ वीडियो दिखाए। पुलिस को पता चला कि मोबाइल हैंडसेट में आठ महिलाओं के 35 वीडियो थे। उन्होंने आरोप लगाया कि खरात महिलाओं का शोषण करने के लिए धार्मिक व्यक्ति होने का ढोंग करता था। खरात ने स्वयं को धर्मगुरु बताया और महिलाओं के साथ बलात्कार और अश्लील हरकतें कीं। सबूत पेश करने की कोशिश करने वाले गवाहों में से एक को खरात से अपनी जान का खतरा था।
10 मार्च को अशोक खरात के खिलाफ लुकआउट नोटिस
फडणवीस ने विधानसभा को बताया कि अशोक खरात को देश छोड़ने से रोकने के लिए 10 मार्च को उसके खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ जारी किया गया था और उसके खिलाफ मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। 17 मार्च को नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसे ‘कनाडा कॉर्नर’ बिल्डिंग स्थित अशोक खरात के कार्यालय में बुलाया गया, पानी दिया गया और बाद में उसके पति को जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया।
17 मार्च को गिरफ्तार हुआ अशोक खरात
खरात को 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो लैपटॉप, एक रिवॉल्वर और 21 कारतूस बरामद किए और पता चला कि नासिक जिले के मीरगांव में उसका एक फार्महाउस है। अशोक खरात के खिलाफ जांच औपचारिक रूप से 19 मार्च को एसआईटी को सौंप दी गई। तीन महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराने पर सहमति जताई है और इस संबंध में अब तक यौन उत्पीड़न और शोषण से संबंधित कुल छह मामले दर्ज किए गए हैं। सभी तस्वीरें और वीडियो (मामलों से संबंधित) सोशल मीडिया से हटा दिए गए हैं और एक पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले एक समाचार चैनल को नोटिस जारी किया गया है।



