2024 में जो बनी हार की वजह, पीएम मोदी पहली रैली में उसी पर चल दिया बड़ा दांव, अब क्या करेंगे राहुल- उद्धव और पवार?

लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र और यूपी ही थे, जहां बीजेपी का काफी नुकसान उठाना पड़ा था. महाराष्ट्र में वैसे तो इसकी वजहें कई थीं. लेकिन माना गया कि दलितों और मराठा वोट महाविकास अघाड़ी की ओर खिसक गए, जिसकी वजह से बीजेपी की सीटें काफी कम हो गईं. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र की अपनी पहली ही रैली में उन्हीं तबकों पर फोकस किया. पीएम मोदी ने बाबा साहेब अंबेडकर का नाम लेकर दलितों को बताया कि उनके हितों की रक्षा सिर्फ बीजेपी कर सकती है. तो वहीं, बाला साहेब ठाकरे और अयोध्या का जिक्र कर हिन्दू और मराठा वोटर्स को संदेश दिया.
हिन्दुओं को संदेश
नासिक में पीएम मोदी ने भाषण की शुरुआत मराठी से की. इसके बाद भगवान श्रीराम, त्र्यंबकेश्वर और रेणुका माता को प्रणाम किया. पीएम मोदी ने कहा, भगवान रामचन्द्र की चरण पादुका से पवित्र हुई भूमि को प्रणाम. ये मेरा सौभाग्य है कि यहां आने का मौका मिला. महाराष्ट्र के हिन्दुओं में इन तीनों देवी देवताओं की बड़ी मान्यता है. अयोध्या का जिक्र कर कहा- जब अयोध्या में राममंदिर का सपना पूरा हुआ तो मैंने अनुष्ठान नासिक के कालाराम मंदिर से ही शुरू किया. इससे वे हिन्दू वोटर्स को सीधा संदेश देते नजर आए.
अंबेडकर का जिक्र कर दलितों को लुभाया
इसके बाद पीएम मोदी ने बाबा साहेब अंबेडकर का जिक्र कर राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे और शरद पवार पर निशाना साधा. पीएम ने कहा, कांग्रेस को बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान की कोई चिंता नहीं है. जब भी संविधान की रक्षा करने का वक्त आता है, ये उसके खिलाफ काम करते रहे हैं. बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान 75 साल तक जम्मू-कश्मीर में लागू क्यों नहीं था? वहां दूसरा संविधान क्यों चल रहा था? यह पाप किसने किया? आज संविधान की बातें करते हैं. हमने वहां बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान लागू किया. ‘एक देश एक संविधान’ बनाया. यही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि है. इसके अलावा पीएम मोदी ने शरद पवार और कांग्रेस पर लोगों को जातियों में बांटने का आरोप लगाया. पीएम मोदी ने अंबेडकर, संविधान, मंदिर, ओबीसी-एएससी का जिक्र इसलिए किया, क्योंकि वे वोटर्स को सीधा संदेश देना चाहते थे.
- मायने समझिए
- पीएम मोदी ने बाबा साहेब अंबेडकर, संविधान, मंदिर, ओबीसी-एएससी एसटी का जिक्र इसलिए किया, क्योंकि वे वोटर्स को सीधा संदेश देना चाहते थे. बाबा साहेब अंबेडकर को महाराष्ट्र के दलित समुदाय में भगवान की तरह माना जाता है.
- महाराष्ट्र में दलित चुनाव की दिशा तय करते रहे हैं. वे जिस ओर जाते हैं, उसकी सरकार बन जाती है. यहां दलितों की आबादी लगभग 12 फीसदी है. सीएसडीएस के एक सर्वे के मुताबिक, 2024 लोकसभा चुनाव में 58 फीसदी उच्च जातियों ने बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति को वोट दिया, लेकिन मराठों और दलितों ने बड़ी संख्या में महाविकास अघाड़ी को वोट किया. इसकी वजह से उनकी 46 में से 32 सीटें आईं.
- पीएम मोदी ने संविधान का जिक्र इसलिए भी किया क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी बार-बार रैलियों में संविधान बचाने की बात करते हैं. लाल किताब साथ लेकर चलते हैं. सरकार पर संविधान और आरक्षण को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हैं.
- पीएम मोदी ने वीर सावरकर का नाम लेकर सीधे उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा. कहा-वीर सावरकर हमारे प्रेरणा स्रोत हैं. लेकिन महाविकास अघाड़ी के नेता वीर सावरकर को गाली देते हैंं. ये लोग वीर सावरकर का अपमान करते हैं. जो पहले वीर सावरकर के लिए जान देने की बातें करते थे, अब वे भी नाम नहीं ले पा रहे हैं. क्योंकि उन्हें डर है कि साथी दल नाराज हो जाएंगे.


