नॉनवेज खाने वाले लोगों को किन बीमारियों का खतरा ज्यादा ?

Truth About Non-Veg Diet: कई लोगों को नॉनवेज बहुत पसंद होता है और वे रोज अपनी डाइट में नॉनवेज फूड्स को शामिल करते हैं. नॉन वेज में प्रोटीन, आयरन और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्व होते हैं, जिसकी वजह से सीमित सेवन फायदेमंद माना जाता है. तमाम लोग अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए नॉनवेज फूड्स खाते हैं और हद से ज्यादा सेवन करते हैं. कई रिसर्च में पता चला है कि नॉनवेज का ज्यादा सेवन करना जानलेवा हो सकता है. जी हां, नॉनवेज का सेवन करने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. खासतौर से रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट को सबसे ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है.
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक कई रिसर्च में यह पाया गया है कि ज्यादा मात्रा में रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है और इससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. नॉनवेज फूड्स में मौजूद सैचुरेटेड फैट खून की धमनियों में ब्लॉकेज पैदा कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर कंडीशन की नौबत आ सकती है. इससे निमोनिया, कोलन पॉलिप्स, डायवर्टिकुलर डिजीज और डायबिटीज का रिस्क भी बढ़ जाता है. रोज नॉनवेज फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए. इसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है और गंभीर नुकसान भी हो सकता है
नॉनवेज का सेवन मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज से जुड़ा है. नियमित रूप से तला-भुना या ज्यादा फैट वाला नॉनवेज खाने से वजन तेजी से बढ़ सकता है. मोटापा अपने आप में कई बीमारियों की जड़ है, जिनमें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और जोड़ों की समस्याएं शामिल हैं. कई रिसर्च में यह भी सामने आया है कि प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. रिसर्चर्स की मानें तो पोल्ट्री मीट का ज्यादा सेवन करने से गैस्ट्रो एसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज, गैस्ट्राइटिस, गॉलब्लैडर डिजीज का जोखिम भी बढ़ सकता है.
US के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन की रिपोर्ट के अनुसार रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट का सेवन कई तरह के कैंसर के खतरों से जुड़ा है. खासकर कोलोरेक्टल कैंसर का जोखिम रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट का सेवन करने वाले लोगों में ज्यादा पाया गया है. जब मीट को बहुत अधिक तापमान पर पकाया जाता है, तो उसमें हानिकारक रसायन बन सकते हैं, जो शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा देते हैं. लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन इस खतरे को बढ़ा सकता है.
नॉनवेज से फूड पॉइजनिंग और संक्रमण का खतरा भी कम नहीं है. अधपका या संक्रमित मांस खाने से साल्मोनेला, ई.कोलाई जैसे बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. इससे उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार यह संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को नॉनवेज अवॉइड करना चाहिए. इसका मतलब यह नहीं है कि हर तरह का नॉनवेज पूरी तरह खतरनाक है. अगर आप इसे सही तरीके से पकाएंगे, तो कई तरह के संक्रमण का खतरा कम हो सकता है.



