BSNL, Vi से छिटक रहे लोग! फिर से कम हुए सब्सक्राइबर्स, Jio, Airtel को फायदा

कुछ दिन पहले जब खबर आई कि कई साल बाद बीएसएनएल को मुनाफा हुआ है, तो इसने खूब चर्चाएं बटोरीं। चर्चा वोडा-आइडिया की उस खबर ने भी बटोरी, जिसमें मुंबई में 5जी का ट्रायल शुरू होने की जानकारी दी गई। इन सबके बावजूद दोनों कंपनियों के सब्सक्राइबर्स कम हो रहे हैं। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी ट्राई के लेटेस्ट डेटा से यह जानकारी मिली है। दिसंबर महीने का डेटा बताता है कि वोडा-आइडिया के कुल सब्सक्राइबर्स में से 17 लाख से ज्यादा ने उसका साथ छोड़ दिया यानी अपने मोबाइल नंबर पर वीआई की सर्विस खत्म कर दी। इसी तरह बीएसएनएल को 3 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स का नुकसान हुआ है। फायदे में रही हैं जियो और एयरटेल। जियो ने 39 लाख से ज्यादा नए सब्सक्राइबर्स ऐड किए हैं, जबकि एयरटेल को भी 10 लाख सब्सक्राइबर्स का मुनाफा हुआ है।
115 करोड़ से ज्यादा हो गए वायरलैस सब्सक्राइबर्स
ट्राई के डेटा से पता चलता है कि भारत में वायरलैस सब्सक्राइबर्स की संख्या जो नवंबर 2024 में 114 करोड़ से ज्यादा थी, दिसंबर 2024 में बढ़कर 115 करोड़ से ज्यादा हो गई। यानी इतनी संख्या में सब्सक्राइबर्स के पास वोडा-आइडिया, बीएसएनल, एयरटेल, जियो या अन्य टेलिकॉम ऑपरेटर्स के सिम एक्टिव हैं।
जियो को मिले 39 लाख से ज्यादा नए सब्सक्राइबर्स
सबसे ज्यादा फायदे में रही है रिलायंस जियो। कंपनी के पास नवंबर 2024 में 46.12 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे, जो दिसंबर 2024 में 46.51 करोड़ से ज्यादा हो गए। उसे कुल 39 लाख 6 हजार 123 सब्सक्राइबर्स का फायदा हुआ है। दूसरे नंबर पर एयरटेल है। उसके पास कुल 38 करोड़ 53 लाख 6 हजार 970 सब्सक्राइबर्स हैं, जो नवंबर 2024 से 10 लाख 33 हजार 9 ज्यादा हैं। दोनों कंपनियों को छोड़कर किसी को फायदा नहीं हुआ है।
वोडा-आइडिया को हुआ 17 लाख का नुकसान
वोडा-आइडिया सबसे अधिक नुकसान में दिख रही है। डेटा बताता है कि वीआई के सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या अब 20 करोड़ 72 लाख 59 हजार 131 रह गई है। नवंबर 2024 के मुकाबले उसे 17 लाख 15 हजार 975 सब्सक्राइबर्स का नुकसान हुआ है। बीएसएनएल के कुल ग्राहक भी 10 करोड़ से नीचे पहुंच गए हैं। सरकारी कंपनी के पास 9 करोड़ 17 लाख 29 हजार 737 सब्सक्राइबर्स हैं। नवंबर 2024 के मुकाबले उसे 3 लाख 22 हजार 72 सब्सक्राइबर्स का नुकसान हुआ है।
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी पर लोगों का भरोसा कायम
आंकड़ों से पता चलता है कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी पर लोग अब भी भरोसा कर रहे हैं। दिसंबर 2024 में 1.3 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स ने एमएनपी की रिक्वेस्ट भेजी। यह साफ बताता है कि लोग एक टेलिकॉम ऑपरेटर से दूसरे टेलिकॉम ऑपरेटर पर स्विच कर रहे हैं।



