छत्तीसगढ़

DPS में बच्ची के साथ कथित छेड़छाड़ मामले को लेकर पालकों का हंगामा :जानकारी छुपाने का आरोप, स्कूल प्रबंधन ने घटना को बताया झूठा

, भिलाई. भिलाई के मरोदा स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में पांच वर्षीय बच्ची के साथ कथित लैंगिक छेड़छाड़ के मामले में परिजनों ने स्कूल प्रबंधन का घेराव किया. परिजनों ने इस घटना से जुड़ी जानकारी छुपाने का आरोप प्रबंधन पर लगाया है.

सैकड़ों की संख्या में बच्चों के पालक डीपीएस रिसाली पहुंचे थे. इस मामले में स्कूल प्रबंधन ने किसी भी बच्चे के साथ अनाचार या लैंगिग छेड़छाड़ की घटना होने की बात को गलत बताया और परिजनों को घटना की जानकारी दी. इस मामले में दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने भी प्रेस कॉंफ्रेंस के माध्यम से इस पूरे मामले में भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है. दुर्ग जिले में दिल्ली पब्लिक स्कूल मरोदा में पांच साल की बच्ची के साथ अनाचार होने की घटना और इस मामले में प्रबन्धन और पुलिस प्रशासन द्वारा चुप्पी साधने की खबर सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही थी, लेकिन आज आखिरकार परिजनों का आक्रोश स्कूल प्रबंधन पर फूट पड़ा. डीपीएस मरोदा में पढ़ने वाले बच्चों के पैरंट्स ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन को घेरने की कोशिश की. स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि बच्चों के साथ इस तरह के दुर्व्यवहार की घटना से स्कूल में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. वहीं इस तरह के मामले को दबाया जाना गंभीर अपराध है. प्रबंधन को जवाब देना चाहिए. परिजनों ने प्रबंधन से घटना दिनांक की फुटेज भी मांगी, लेकिन प्रबंधन ने इंकार कर दिया. उन्होंने बताया कि जब लापरवाही नहीं हुई तो उस महिला अटेन्डेंट को क्यों हटाया गया है. इसके बाद पालकों की ओर से एक कमेटी बनाकर प्रिंसिपल और केजी वन क्लास के टीचर से चर्चा की गई.

स्कूल प्रबंधन की ओर से प्रिंसिपल प्रशांत वशिष्ठ ने बताया कि 5 जुलाई को एक खेल के दौरान बच्चे को उल्टी हुआ था, जिसे साफ करने महिला अटेन्डेंट को भेजा गया था. इसके बाद उस बच्ची के परिजनों ने स्कूल के टीचरों से सम्पर्क किया और इसकी जानकारी दे दी. प्रिंसिपल ने यह भी बताया है कि जिले के किसी बड़े पुलिस अधिकारी ने कुछ दिनों पहले एडमिशन के लिए उन पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने उन्हें नियम विरुद्ध एडमिशन से साफ मना कर दिया था. इसके बाद यह घटना हुई और इस घटना को दूसरा रूप दे दिया गया, लेकिन प्रिंसिपल ने उस अधिकारी का नाम नहीं बताया. प्रिंसिपल ने कहा कि इस मामले में अब तक परिजनों ने किसी प्रकार की शिकायत नहीं की है. हमने परिजनों को पूरी सीसीटीवी फुटेज दिखाया है. पूरी जानकारी दी है, लेकिन फिर भी अगर किसी भी जांच कमेटी के माध्यम से इसकी जांच करने की बात होगी तो हम उनका सहयोग करेंगे. दुर्ग पुलिस की ओर से एसपी जितेंद्र शुक्ला का कहना है कि इस मामले को स्वतः संज्ञान में लेकर पुलिस ने इसमें आईयूसीएडब्ल्यून के एडिशनल एसपी के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर इस पूरे मामले की जांच की थी, लेकिन किसी प्रकार के बच्चे के साथ लैंगिग छेड़छाड़ या दुराचार का मामला सामने नहीं आया है. बच्चे और उसने परिजनों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए हमने इसकी गुप्त जांच कराई थी, जिसमें मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टरों के बयान, स्कूल टीचर प्रबन्धन और परिजनों के बयान लिए गए. बारीकी से जांच करने पर इस तरह का कोई तथ्य सामने नहीं आया, जिस पर स्कूल को 4 दिन पहले ही क्लीन चिट दी गई है. आज पैरेंट्स अपनी कई समस्याओं को लेकर स्कूल प्रबंधन से बातचीत करने पहुंचे थे. अधिक संख्या में पैरेंट्स होने कारण आज पुलिस यहां पहुंची है.

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