पाकिस्तानी सरकार का भिखारीपन! मोबाइल बनाने वाली कंपनियों से मांगे 10-15 स्मार्टफोन

एक होती है गरीबी, एक कंगाली और एक भिखारीपन। पाकिस्तान इन तीनों ही हालात से जूझ रहा है। उसकी मांगने की आदत पर आपने कइयों खबरें पढ़ी होंगी। लेकिन अब तो पाकिस्तान की सरकार अपने ही देश में ‘कटोरा’ लेकर खड़ी हो गई है। एक पाकिस्तानी वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में एक कार्यक्रम आयोजित होने वाला है। उसमें उनके प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ भी शिरकत करेंगे। कार्यक्रम संबंधित है पाकिस्तान की एक कथित उपलब्धि से। उस उपलब्धि को दुनिया तक दिखाने के लिए पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी (PTA) ने वहां की मोबाइल कंपनियों से 10 से 15 स्मार्टफोन की डिमांड कर डाली है। वह उन स्मार्टफोन्स को लकी ड्रॉ में बांटना चाहती है।
पाकिस्तान में क्या हुआ है
प्रोपाकिस्तानी वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने डिजिटल दुनिया में उपलब्धि पाई है। वहां टेलिकॉम सब्सक्राइबर्स की संख्या 20 करोड़ के पार पहुंच गई है। इसकी औपचारिक घोषणा वहां के प्रधानमंत्री करेंगे। यह कार्यक्रम वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन सोसाइटी डे के अवसर पर होगा। इसका आयोजन पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी (PTA) करने जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पीटीए देश की मोबाइल कंपनियों और मैन्युफैक्चरर्स के साथ मिलकर लोगों के लिए स्कीम्स लाने वाली है।
इस कार्यक्रम को अबतक कर लिया जाना चाहिए था, लेकिन किन्हीं कारणों से टाल दिया गया। इसी सप्ताह इसे आयोजित किया जा सकता है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पीटीए ने पाकिस्तान की मोबाइल कंपनियों से 10 से 15 अच्छे स्मार्टफोन देने को कहा है। रिपोर्ट के अनुसार, फोन्स को कार्यक्रम में आने वाले लोगों के बीच लकी ड्रॉ के जरिए बांटा जाएगा। हैरत की बात है कि एक बड़ा आयोजन करने जा रहे पाकिस्तान के टेलिकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के पास इतना बजट भी नहीं है कि वह लकी ड्रॉ को खुद से करा पाए।
बुरी हालत में है टेलिकॉम इंडस्ट्री
दावा है कि मोबाइल कंपनियों से स्मार्टफोन इसलिए मांगे जा रहे हैं ताकि लोगों के बीच यह संदेश जाए कि कंपनियां देश की डिजिटल तरक्की के लिए मिलकर काम कर रही हैं। लेकिन पीछे की पिक्चर कुछ और ही समझ आती है। ऐसा लग रहा है कि पाकिस्तान का टेलिकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट कोई पैसा-वैसा खर्च नहीं करना चाहता है और इधर-उधर से मांगकर काम चला रहा है। पाकिस्तान की टेलिकम्युनिकेश इंडस्ट्री की हालत किसी से छुपी नहीं है। यह देश कब से 5जी मोबाइल नेटवर्क को लॉन्च करने का दंभ भर रहा है, जबकि असल में देश के कई इलाकों में आजतक 2जी मोबाइल कनेक्टिविटी भी सही से नहीं है। खासतौर पर बलूचिस्तान और सिंध में कई दूरदराज के एरिया में।



