आउट ऑफ पवेलियन : कबूतर की बीट और बंदर

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव ने दावा किया था कि अब स्थल कबूतर मुक्त है। लेकिन इस दावे को कुछ ही दिन बीते थे कि पक्षियों की बीट के कारण खेल को रोकना पड़ा।
अब देखिए न दिल्ली में चल रहा इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट-२०२६ एक बार फिर गलत वजहों से चर्चा में आ गया। यहां चल रहा एक बड़ा मैच कबूतर की बीट की वजह से रोकना पड़ा। इससे पहले एक मैच में यहां बंदर भी घुस आया था। भारत के एच.एस. प्रणॉय का सिंगापुर के लोह कीन यू के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच चल रहा था। लेकिन ये पक्षियों की बीट के कारण एक बार नहीं, बल्कि दो बार बाधित हुआ। सोचने वाली बात तो यह भी है कि डेनमार्क की शटलर मिया ब्लिचफेल्ड ने प्रशिक्षण की स्थितियों और स्वच्छता को लेकर स्टेडियम की पहले ही आलोचना की थी। इस पर बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव संजय मिश्रा ने दावा किया था कि अब स्थल कबूतर मुक्त है, लेकिन इस दावे को कुछ ही दिन बीते थे कि पक्षियों की बीट के कारण खेल को रोकना पड़ा। विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसन ने कहा कि उन्होंने शहर में प्रदूषण के संकट की वजह से इंडिया ओपन से नाम वापस ले लिया है और साथ ही यह भी कि दिल्ली इस समय बैडमिंटन टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए उपयुक्त नहीं है। बावजूद ऐसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट कराने का क्या औचित्य रह जाता है? क्या भारत की बदनामी ही ऐसे आयोजकों का एकमात्र ध्येय है?
संसद में ‘कामसूत्र’ हंगामा
स्टार्मर ने कहा कि विपक्ष ने १४ साल में कामसूत्र से ज्यादा पोजिशन बदली हैं। इसमें कोई हैरानी नहीं कि वे थक चुके हैं, उन्होंने देश की हालत बिगाड़ दी है।
यह कितना गंभीर मसला है कि किसी देश की संसद में देश का प्रधान व्यक्ति ही ऐसी भाषा का उपयोग करे जो स्त्री भावनाओं की ही नहीं, बल्कि एक तरह से चरित्र का कड़वा मजाक करे। जी हां, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने संसद में एक विवादित बयान दिया, जिसे लेकर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। हाउस ऑफ कॉमन्स में सवाल-जवाब के दौरान उन्होंने ‘कामसूत्र’ का जिक्र करते हुए मजाक किया, जिसे कई लोगों ने ‘गलत’ और ‘गैरजरूरी’ बताया। यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब लेबर सरकार अपनी नीतियों में बार-बार बदलाव और आर्थिक हालात को लेकर दबाव का सामना कर रही है। विपक्षी कंजर्वेटिव नेता केमी बेडनॉक ने सरकार पर नीतियों में बार-बार बदलाव को लेकर सवाल उठाए थे। जवाब में किएर स्टार्मर ने कहा कि विपक्ष ने १४ साल में कामसूत्र से ज्यादा पोजिशन बदली हैं। इसमें कोई हैरानी नहीं कि वे थक चुके हैं, उन्होंने देश की हालत बिगाड़ दी है। इस बयान के बाद सदन में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। कई सांसदों और सदन में मौजूद लोगों ने इसे ‘असहज’ और ‘गलत समय पर किया गया मजाक’ बताया। विपक्ष ने तुरंत इस पर हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री ने गंभीर मुद्दों पर ठोस जवाब देने के बजाय हल्के मजाक का सहारा लिया।



