छत्तीसगढ़

सूरत-जयपुर की तर्ज पर रायपुर सराफा व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से पंडरी में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की मांग की

रायपुर। छत्तीसगढ़ को सराफा व्यापार का राष्ट्रीय हब बनाने की मांग को लेकर सर्राफा व्यवसाईयों का प्रतिनिधि मंडल रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने रायपुर पंडरी स्थित पुराने बस स्टैंड में अंतरराष्ट्रीय स्तर का जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क बनाने का प्रस्ताव सौंपा।
मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में 9 ठोस आधार बताते हुए कहा गया कि पंडरी पुराना बस स्टैंड की भूमि पहले से शासकीय है। नया अधिग्रहण न होने से समय और करोड़ों रुपये दोनों बचेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग-30, जीई रोड और रिंग रोड-1 के जंक्शन पर होने से एयरपोर्ट 15 मिनट, रेलवे स्टेशन 10 मिनट और नवा रायपुर 25 मिनट में पहुंचा जा सकता है। पूरे छत्तीसगढ़ से ग्राहक 2 घंटे में यहां पहुंच सकेंगे।
पत्र में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा गया कि खुला परिसर, चारों तरफ सड़क और पास में पुलिस कंट्रोल रूम होने से सीसीटीएनएस से सीधा कनेक्शन संभव है। इससे बीमा कंपनियां भी प्रीमियम कम करेंगी। सदर-मालवीय रोड की ट्रैफिक समस्या का समाधान भी होगा। पंडरी में 5 एकड़ से ज्यादा जगह में मल्टीलेवल + बेसमेंट पार्किंग बनने से शादी-ब्याह के सीजन में 10 हजार ग्राहक भी आएं तो ट्रैफिक नहीं रुकेगा।
प्रस्ताव में कहा गया कि जयपुर का ज्वेलरी पार्क और सूरत का डायमंड बोर्स की तरह यह पार्क रायपुर की पहचान बनेगी। इससे निवेशक, टूरिस्ट और बड़े ब्रांड आकर्षित होंगे और न्यू रायपुर की इमेज को बल मिलेगा। संगठित मार्केट बनने से बिलिंग 100 प्रतिशत होगी। हॉलमार्किंग और रिफाइनरी एक जगह होने से टैक्स लीकेज बंद होगा। अनुमान है कि सालाना 200-300 करोड़ का अतिरिक्त जीएसटी संग्रह होगा।
एक छत के नीचे ट्रेनिंग सेंटर, सीएडी-कैम लैब और डिजाइन इंस्टीट्यूट खोलकर स्थानीय सुनारों के बच्चों को आधुनिक ज्वेलरी डिजाइन सिखाई जा सकेगी। इससे मेक इन छत्तीसगढ़ को धार मिलेगी। पार्क में म्यूजियम, एग्जीबिशन हॉल और फैशन शो की जगह से सराफा उत्सव आयोजित होगा तो होटल, ट्रांसपोर्ट, फूड इंडस्ट्री को भी फायदा होगा। पीपीपी मॉडल पर बनाकर सरकार को किराया/लीज से नियमित आय होगी। पत्र में प्रस्तावित कृषि उपज मंडी स्थल को निचली बस्तियों के पास और पूर्व में विवादित होने के कारण दीर्घकालिक सुरक्षा की दृष्टि से अनुपयोगी बताया गया है।
बीएनएस की धारा 317 पर बिहार एसओपी लागू करने की भी मांग 
इस अवसर पर ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन एआईजेजीएफ की ओर से भारतीय न्याय संहिता की धारा 317 पूर्व भारतीय दंड संहिता धारा 411 के संबंध में ज्वेलर्स एवं स्वर्णकार समुदाय की समस्याओं के समाधान हेतु दूसरा महत्वपूर्ण पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा गया। 
पत्र में बताया गया कि एआईजेजीएफ की विधिक टीम द्वारा तैयार एसओपीख् का परीक्षण एवं अनुमोदन बिहार पुलिस के पुलिस महानिदेशक द्वारा किया गया है और बिहार में लागू होने से ज्वेलर्स एवं पुलिस प्रशासन दोनों को स्पष्टता मिली है। प्रतिनिधि मंडल ने अनुरोध किया कि बिहार में लागू इस एसओपीख् को छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाए ताकि ईमानदार ज्वेलर्स को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से राहत मिल सके। पत्र पर एआईजेजीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा, राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया और हरख मालू के संयुक्त हस्ताक्षर हैं। मुख्यमंत्री ने दोनों प्रस्तावों को ध्यानपूर्वक सुनकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधि मंडल में हरख मालू, उत्तम पुखराज जी गोलछा, देवेंद्र सोनी, प्रमित नियोगी, अनिल बुरड़ रविकांत लूक्कड। रमेश पारख प्रहलाद सोनी अमित अंबानी विनय मालू सहित बड़ी संख्या में सराफा व्यापारी शामिल थे।

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