राज्य

 ज्ञानवापी के तहखाने में पूजा की इजाजत मिलने पर CM मोहन यादव बोले- ‘ये फैसला मील का पत्थर..

 वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के मामले में अदालत ने हिंदू पक्ष के समर्थन में अपना फैसला सुनाया है. वाराणसी की अदालत ने बुधवार (31 जनवरी) को ज्ञानवापी परिसर में स्थित व्यास तहखाने में हिंदुओं को पूजा पाठ करने की इजाजत दे दी है. प्रशासन सात दिन के अंदर पूजा-पाठ कराने की व्यवस्था करेगा. इसके साथ ही पूजा कराने का काम काशी विश्वनाथ ट्रस्ट करेगा. ज्ञानवापी मामले पर फैसला आने के बाद कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. अब मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी ज्ञानवापी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी मामले में आया फैसला एक तरह से मील का पत्थर होगा.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मीडिया से बातचीत करते हुए ज्ञानवापी के मामले पर कहा, ”मुझे इस बात की खुशी है कि ज्ञानवापी के मामले में वाराणसी के जिला कोर्ट की तरफ से जो फैसला किया गया है, ये फैसला एक तरह से मिल का पत्थर रहेगा.” इसके आगे कहा कि हिंदुओं की धर्म दृष्टि से देखा जाए तो वाराणसी से अच्छा कौन सा जगह होगा. उन्होंने इस फैसले के बाद कोर्ट को बधाई दी. सीएम मोहन यादव ने कहा, ”ASI की रिपोर्ट एक तथ्यात्मक रिपोर्ट है. ” उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लिए आज महत्वपूर्ण दिन है और एक महत्वपूर्ण फैसला है. 

हिंदू पक्ष के वकील ने क्या कहा?

कोर्ट के फैसला आने के बाद हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि व्यास के तहखाने में पूजा-पाठ करने की इजाजत कोर्ट की तरफ से मिल गई है. कोर्ट के आदेश के बाद व्यास परिवार अब ज्ञानवापी के तहखाने में पूजा पाठ करेगा. उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष ने व्यास के तहखाने में पूजा पाठ की इजाजत मांगी थी. सोमनाथ व्यास का परिवार 11993 तक तहखाने में पूजा पाठ करता था. जैन ने आगे बताया कि 1993 के बाद तत्कालीन राज्य सरकार के आदेश पर तहखाने में पूजा बंद हो गई थी. एएसआई सर्वे कार्रवाई के दौरान तहखाने की साफ-सफाई की गई थी. अब कोर्ट ने आदेश के मुताबिक काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के अधीन तहखाने में पूजा की जाएगी.  

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दी प्रतिक्रिया

ज्ञानवापी के मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अदालत के इस आदेश का स्वागत किया है. उन्होंने एक्स पर कहा, ”शिव भक्तों को न्याय मिला. बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा का अधिकार दिए जाने के संबंध में माननीय न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले का हार्दिक स्वागत करता हूं. 1993 से भक्तों को था इंतजार. हर हर महादेव. जय बाबा विश्वनाथ. जय माता श्रृंगार गौरी.” बिहार के बेगूसराय से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ”ज्ञानवापी में अभी दो तहखाने खुले हैं अभी आठ तहखाने खुलना बाकी है. पहले भी पूजा होती आई है, लेकिन बीच के समय में बंद हो गई थी, लेकिन अब दोबारा चालू हो जाएगी.” उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या तो केवल झांकी है, आगे राम की लीला बाकी है.”

मुस्लिम पक्ष का क्या कहना है? 

मुस्लिम पक्ष ने वाराणसी जिला कोर्ट के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है. मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता मुमताज अहमद ने कहा कि आज जिला न्यायाधीश ने हिंदुओं को पूजा करने का अधिकार दे कर अपना अंतिम फैसला दे दिया है. अब हम इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे. आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस फैसले से मायूसी जरूर है, लेकिन अभी ऊपर अदालतों का रास्ता खुला है. जाहिर है कि हमारे वकील इस फैसले को चुनौती देंगे.

Show More

Daily Live Chhattisgarh

Daily Live CG यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, बिजनेस, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button