अब चलेगी संसद… सर्वदलीय बैठक के बाद बनी सहमति, राहुल गांधी-खरगे से मिले किरेन रिजिजू तो खत्म हुआ गतिरोध

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र में हंगामे का दौर जारी है। शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन दोनों ही सदनों की कार्यवाही सुचारू ढंग से नहीं चल सकी। लोकसभा हो या राज्यसभा, दोनों ही जगह विपक्ष ने बिहार में चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। लगातार हंगामे को टालने के लिए सत्तापक्ष की ओर से कवायद शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने खुद मोर्चा संभाला और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता खरगे से मुलाकात की। इसके बाद ओम बिरला के नेतृत्व में सर्वदलीय बैठक हुई। जिसमें संसद चलने पर सहमति बन गई। सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर चर्चा होगी।
ऐसे बनी सदन चलाने पर सहमति
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित विभिन्न मुद्दों पर शुक्रवार को विपक्षी दलों का हंगामा जारी रहा। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार को एक बार के स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इस दौरान संसद को चलाने को लेकर चर्चा हुई।
अब चलेगी लोकसभा, विपक्ष सदन चलाने को तैयार
इस मुलाकात के बाद किरेन रिजिजू और संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिले। इसके बाद लोकसभा में फ्लोर लीडर्स की मीटिंग हुई। संसद की कार्यवाही सुचारू से चल सके इसके लिए दिन में 12:30 बजे स्पीकर के साथ बैठक हुई। लोकसभा में गतिरोध को खत्म करने और लोकसभा को सुचारू रूप से चलाने को लेकर चर्चा हुई। विपक्ष सदन चलाने के लिए तैयार हो गया।
सोमवार से ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के कामकाज पर चर्चा के लिए सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में आम सहमति बनाने की कोशिशें हुई। ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा की विपक्ष की मांग स्वीकार कर ली गई है। इस पर 28 जुलाई को चर्चा होगी। सर्वदलीय बैठक के बाद ये माना जा रहा कि गतिरोध टल गया है। अब सदन कार्यवाही सुचारू ढंग से चलेगी। वहीं सोमवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होगी।
21 जुलाई से शुरू हुआ मॉनसून सत्र, जमकर दिखा घमासान
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी और तब से लोकसभा हो या राज्यसभा, दोनों ही सदनों में गतिरोध बना हुआ है। विभिन्न मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग पर अड़े विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन में अब तक शून्यकाल, प्रश्नकाल और अन्य विधायी कामकाज नहीं हो पाया है।



