अब शरद पवार की एनसीपी पर भाजपा की टेढ़ी नजर, पांच सांसद एनडीए में शामिल होने के लिए तैयार

एजेंसियां — मुंबई, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 सांसदों और उसके बाद शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद, मीडिया और राजनीतिक जानकारों की नजऱ अब एनसीपी (शरदचंद्र पवार) पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एसपी) के आठ लोकसभा सांसदों में से पांच, भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इन अटकलों की वजह से पवार के एनसीपी गुट पर भारी दबाव बन गया है। गृह मंत्री अमित शाह के साथ सुनेत्रा पवार की हालिया मुलाकात ने इन अफवाहों को और हवा दी है। एनडीए संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रहा है, ताकि यूनिफॉर्म सिविल कोड और परिसीमन बिल जैसे बड़े संवैधानिक सुधारों को पास किया जा सके।
ऑपरेशन टाइगर के बढ़ते खतरे को देखते हुए, शरद पवार ने 19 जून को अपने बचे हुए नेताओं की एक ज़रूरी बैठक बुलाई थी। इसका मकसद अपने संसदीय गुट को एकजुट रखना और नेताओं को तोडऩे की कथित कोशिशों का मुकाबला करना था। ऑपरेशन टाइगर के तहत नेताओं के पाला बदलने के डर का सामना करने और राज्य में गठबंधन की रणनीति बनाने के लिए 24 जून को मुंबई में एमवीए विधायकों की बैठक बुलाई गई है। नेताओं के पाला बदलने की अफवाहों के बीच, कांग्रेस राज्य में होने वाले आगामी राजनीतिक मुकाबलों से पहले विपक्षी गुट के भविष्य को मज़बूत और सुरक्षित करने के लिए एनसीपी (एसपी) के साथ संभावित रणनीतिक विलय पर चर्चा कर रही है।



