अब ‘महान’ नहीं रहेंगे अकबर और टीपू सुल्तान, NCERT की किताबों में भी हुआ सुधार, RSS के सुनील का दावा

नागपुर:महाराष्ट्र के नागपुर में ऑरेंज सिटी लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस फेस्टिवल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने लोगों को संबोधित करते हुए दावा किया कि इतिहास की किताबों में कई महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब NCERT की नई पुस्तकों में मुगल बादशाह अकबर और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान को महान नहीं बताया जाता है। आंबेकर ने कहा कि मैंने देखा है कि इतिहास की किताबों में कई अच्छे बदलाव लाए गए हैं। अब इन पुस्तकों में ‘अकबर द ग्रेट’ या ‘ टीपू सुल्तान द ग्रेट’ जैसे शब्द शामिल नहीं हैं। हालांकि, किसी को हटाया नहीं गया है। क्योंकि नई पीढ़ी को उनके क्रूर कामों के बारे में पता होना चाहिए। यह जानना जरूरी है कि हमें किन कारणों से पीड़ा झेलनी पड़ी और किनसे मुक्त होना है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस तरह की बातों को सामने लाने से असहमत होते हैं, लेकिन इतिहास के सत्य को बताया जाना जरूरी है। आंबेकर के अनुसार, NCERT ने 15 कक्षाओं में से 11 कक्षाओं की किताबों में बदलाव किए हैं। कक्षा 9, 10 और 12 की किताबों में भी बदलाव अगले वर्ष से लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि NCERT ने यह पहल की। यह इतिहास की सही समझ को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं अपने संबोधन में आरएसएस नेता ने कहा कि भारत के पास प्राचीन और समृद्ध ज्ञान का विशाल भंडार है, जिसे समझने और सीखने से जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।
अंबेकर ने नालंदा विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि वहां केवल वेद, पुराण, रामायण और महाभारत पढ़ाए जाते थे। उन्होंने कहा कि नालंदा का पाठ्यक्रम देखें तो पता चलेगा कि वहां कितना व्यापक अध्ययन कराया जाता था। यह दुनिया के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक है। उन्होंने बताया कि साहित्य के साथ-साथ नालंदा में 76 तरह के कौशल आधारित कोर्स भी पढ़ाए जाते थे। आंबेकर ने कहा कि आज भारत आगे बढ़ रहा है और यह समय है कि हम सोचें कि भविष्य का भारतीय समाज कैसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राचीन ज्ञान और सही इतिहास की समझ नई पीढ़ी को मजबूत बनाती है।



