पिछले 37 वर्षों से इस पुलिस स्टेशन में नहीं दर्ज हुई एक भी FIR, भरोसे और आपसी सहमति से सुलझ जाता है मामला

आज के समय जहां छोटे मोटे विवाद होने पर लोग पुलिस स्टेशन का रास्ता पकड़ लेते हैं। वहीं नियामतपुर गांव में पिछले 37 वर्षों से एक खास तरह की परंपरा चलती आ रही है।
आज इस खबर में हम आपको उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के एक बेहद ही खास गांव के बारे में बताने जा रहे हैं। इस गांव की खास बात यह है कि इसने पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से पुलिस या अदालत की चौखट तक नहीं देखी है। इस गांव में होने वाला विवाद न थाने तक पहुंचता है और न ही उस पर कोई एफआईआर दर्ज होती है। इस गांव में जैसे ही कोई विवाद होता है तो उसका हल पंचायत और गांव के बुजुर्ग सदस्य आपस में बातचीत करके निकाल लेते हैं। इस कारण मामला गांव के भीतर ही सुलझ जाता है इसके लिए पुलिस स्टेशन के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। शाहजहांपुर में स्थित इस छोटे से गांव का नाम नियामतपुर है। इस गांव की आबादी करीब 1400 है। यह गांव देशभर में एक बड़ा मिसाल पेश कर रहा है।
आज के समय जहां छोटे मोटे विवाद होने पर लोग पुलिस स्टेशन का रास्ता पकड़ लेते हैं। वहीं नियामतपुर गांव में पिछले 37 वर्षों से एक खास तरह की परंपरा चलती आ रही है। इस गांव में होने वाले विवाद से जुड़े मामलों की पिछले 37 वर्षों से कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। गांव के लोग भरोसे और आपसी समझ से ही मामले को सुलझा लेते हैं।
गांव में रहने वाले लोग बताते हैं कि साल 1988 से लेकर अब तक गांव में होने वाले विवाद की कोई भी शिकायत थाने तक नहीं गई है। गांव के लोग एक घटना का जिक्र करते हुए बताते हैं कि एक बार किसी परिवार के रिश्तेदारों में आपसी झगड़ा हो गया। इसके बाद किसी ने 100 नंबर पर फोन करके पुलिस को बुला लिया। इसके बाद पुलिस जब गांव में पहुंची तो वहां के प्रधान और बुजुर्गों ने पुलिस को समझाते हुए कहा कि इस मामले को हम खुद सुलझा लेंगे।



