उद्धव ठाकरे की शिवसेना को फिर तोड़ने की खबर, एकनाथ शिंदे के ‘ऑपरेशन टाइगर’ से मचा सियासी भूचाल

मुंबई : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उद्धव सेना के सांसदों के साथ बैठक कर उनको तोड़ने की कोशिश की खबर से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। खबर के मुताबिक, एक बार फिर शिंदे ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत उद्धव सेना के सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री शिंदे ने ऐसी खबरों को निराधार बताया और कहा कि अफवाहें फैलाई जा रही है। दूसरी तरफ, सूत्रों ने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिंदे से बात कर ‘ऑपरेशन टाइगर’ रोकने को कहा है।
बुधवार रात ठाणे की प्राइवेट कंपनी के परिसर में एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे की उद्धव गुट के 6 सांसदों के साथ बैठक हुई। दो विडियो कॉल से जुड़े। मुंबई से अरविंद सावंत, संजय दीना पाटील के अलावा संजय देशमुख, नागेश पाटील, राजाराम वाकचौरे, ओम राजे निंबालकर (वीडियो कॉल से), राजाभाऊ वाजे और संजय जाधव शामिल हुए। सांसद अनिल देसाई का नाम बैठक में शामिल नहीं होने वालों में है। शुक्रवार को इन सभी सांसदों ने ऐसी किसी बैठक में शामिल होने से इनकार किया।
इसलिए CM ने लगवाया कोशिश पर ब्रेक?
खबर के मुताबिक, शिंदे ऑपरेशन टाइगर में फरवरी से लगे है। वह कई बार दिल्ली का दौरा कर चुके है। सूत्रो ने बताया कि इस गुप्त बैठक की खबर आने के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने शिंदे को फोन कर इस पर फिलहाल ब्रेक लगाने को कहा है। बीजेपी के एक नेता ने बताया कि सीएम ने शिंदे से कहा कि इसका विपरीत असर पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण के चुनाव और बिहार में सत्ता हस्तांतरण पर पड़ सकता है। महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी में तोड़फोड़ का सीधा असर राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ेगा और विपक्ष इसे मुद्दा बनाएगा। इससे राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के लिए मुश्किले पैदा हो सकती है।
‘भगवा लेकर आया था, भगवा पहनकर जाऊंगा
उद्धव सेना के MP अरविंद सावत ने कहा कि सुबह मुझे झटका लगा, जब पढ़ा कि उद्धव गुट के सासद शिदे ग्रुप में शामिल होगे। मै बालासाहेब ठाकरे का शिक्सैनिक हूं। मेरा पत्ता कट भी गया तो भी मैं अपनी मां की वफ़ादारी देखूंगा। उद्धव साहेब ने मुझे MP बनाया। मै मां के दूध के साथ धोखा नही करूंगा। भगवा लेकर आया था, भगवा पहनकर जाऊगा। उन्होंने आरोप लगाया कि 24 अप्रैल को होने वाली कोर्ट सुनवाई से पहले ऐसी खबरे फैलाकर उनके गुट का मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है। छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहाहै। इसके खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई करेगें।
शिंदे गुट के एक सीनियर नेता ने कहा कि अभी इस तरह की कोई तैयारी नहीं है। ऐसी बैठकों के लिए ठाणे उचित जगह नहीं है। अभी सांसदों का कार्यकाल लगभग ढाई साल है। ऐसे में कोई क्यों सांसदी दांव पर लगाएगा।



