सुनीता विलियम्स की 70 दिनों से स्पेस में फंसी एस्ट्रोनॉट को लाने का NASA ने बनाया पूरा प्लान

वॉशिंगटन. सुनीता विलियम्स की 70 दिनों से स्पेस में फंसी एस्ट्रोनॉट को लाने का NASA ने पूरा प्लान बना लिया है। नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 6 जून को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचे थे. ढाई महीने से अधिक समय तक वहां फंसे रहने के बाद अब उनके वहां से लौटने की उम्मीद जाग उठी है. अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी ‘नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (नासा) ने शनिवार को बताया कि दोनों अंतरिक्ष यात्री – सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर – अपने बोइंग मिशन से स्पेसएक्स के साथ पृथ्वी पर लौट रहे हैं.
नासा ने अपने एक बयान में कहा, “एजेंसी के विशेषज्ञों द्वारा व्यापक समीक्षा के बाद, नासा का बोइंग स्पेस क्रू फ़्लाइट टेस्ट एक बिना क्रू वाले स्टारलाइनर के साथ वापस आएगा. अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स अगले वसंत में पृथ्वी पर लौटने वाले हैं.”
‘स्पेसएक्स’ अंतरिक्ष यात्रियों को वापस ला सकता है, लेकिन इसके लिए उन्हें अगले फरवरी तक वहां रहना पड़ेगा। उन्हें स्टेशन पर पहुंचने के एक या दो सप्ताह बाद वापस लौटना था. यदि नासा यह निर्णय लेता है कि ‘स्पेसएक्स’ से अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी ही उचित मार्ग है, तो स्टारलाइनर सितंबर में पृथ्वी पर खाली ही लौट आएगा.
नासा ने कहा कि इंजीनियर ‘स्टारलाइनर थ्रस्टर’ के लिए एक नए कंप्यूटर मॉडल का आकलन कर रहे हैं. नासा ने कहा कि अंतिम फैसला करते समय हर प्रकार के जोखिम का विश्लेषण किया जाएगा. बोइंग ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अंतरिक्ष और जमीन पर ‘थ्रस्टर’ के व्यापक परीक्षण से पता चला है कि स्टारलाइनर अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने में सक्षम है.
अंतरिक्ष यात्री 5 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा में केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स-41 से उड़ान भरने के बाद 6 जून को बोइंग स्टारलाइनर पर सवार होकर ऑर्बिटिंग प्रयोगशाला के लिए रवाना हुए थे. पहले एक सप्ताह के भीतर वापस आने की योजना थी, लेकिन अब स्टारलाइनर के साथ गंभीर समस्याओं के कारण वे वहां काफी समय से फंसे हुए हैं.
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, यदि वह स्टारलाइनर को बिना चालक दल के वापस लाने का फैसला करती है, तो सुनीता और बुच फरवरी 2025 के अंत तक स्टेशन पर ही रहेंगे. यह बोइंग की पहली परीक्षण उड़ान थी जिसमें चालक दल सवार था. ‘स्पेस शटल’ के सेवा से हटने के बाद नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों की अंतरिक्ष स्टेशन पर आवाजाही का काम बोइंग और स्पेसएक्स को सौंपा है. ‘स्पेसएक्स’ 2020 से यह काम कर रहा है.



