नान घोटाला : SC से छग के पूर्व AG को अग्रिम जमानत

रायपुर: सुप्रीम कोर्ट ने नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला मामले में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा को गिरफ्तारी से पहले जमानत मिल गई है. जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने वर्मा को जांच में सहयोग करने को कहा है.सुनवाई के दौरान, वर्मा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा और वकील सुमीर सोढ़ी ने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने गलत निष्कर्ष निकाला है कि हिरासत में पूछताछ की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आरोपों के आधार पर कोई भी अपराध नहीं बनाया गया है.
राज्य सरकार को जारी हुआ था नोटिस : राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि कानून अधिकारी के खिलाफ पर्याप्त सामग्री है. छत्तीसगढ़ सरकार ने पहले शीर्ष अदालत को बताया था कि वह नागरिक आपूर्ति निगम (एनएएन) घोटाला मामले के संबंध में वर्मा के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाएगी और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था.
क्या हैं आरोप ?: एफआईआर में वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने NAN घोटाले के आरोपी अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला को मामले में जमानत दिलाने में मदद की. कथित भ्रष्टाचार का मामला निम्न गुणवत्ता वाले चावल, चना, नमक की आपूर्ति से संबंधित है और इस मामले में नौकरशाहों सहित कई हाई प्रोफाइल व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था.
वर्मा ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के उच्च न्यायालय के 13 फरवरी के आदेश को चुनौती दी है. ट्रायल कोर्ट ने पहले उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.



