छत्तीसगढ़

सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के लाभ को 2000 करोड बढ़ाने प्रबंधन ने कमर कसी

भिलाई। सेल – भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा, अपने आगामी उत्पाद, लाभ, योजना, नवीन तकनीक, कार्यशैली आदि से सम्बंधित प्रभावी सूचनाओं को संयंत्र के अधिकारियों और कार्मिकों तक पहुँचाने के लिए विगत महीनों से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संयंत्र प्रबंधन लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन (एलजीआई) कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। जिसमें विगत वित्त वर्ष और बाजार के तुलनात्मक आंकड़ों, तथ्यों और जानकारी के आधार पर वर्तमान वित्त वर्ष और आगामी वित्त वर्ष के लिए विभिन्न विषयों की योजनाओं, चुनौतियों, सुझावों और वित्त एवं लेखा विभाग द्वारा प्रस्तुत समाधानों पर चर्चाएँ की जाती है। इस वर्ष बीएसपी ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक लाभ प्राप्त करने का आंतरिक लक्ष्य रख रहा है।
03 जून 2024 को आयोजित एलजीआई कार्यशाला में कर्मचारियों को उत्पादन, सुरक्षा और तकनीकी आर्थिक मापदंडों के संबंध में प्रत्येक विभाग के लिए निर्धारित कॉस्ट-रिडक्शन लक्ष्यों को प्राप्त करके चालू वित्तीय वर्ष में 5,000 करोड रुपये से अधिक का लाभ प्राप्त करने, एवं 5000 रुपये प्रति टन के कॉस्ट-रिडक्शन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। यह भी बताया गया कि हमारे उत्पादन की लागत को कम करने की तत्काल आवश्यकता है। इस एलजीआई में अनावश्यक व्यय में कटौती करने और बेहतर उपयोग के लिए जहां भी आवश्यक हो आवंटित बजट का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य शॉप्स द्वारा उपभोग के लिए आवश्यक स्टोर और स्पेयर रखना और साथ ही समग्र इन्वेंट्री स्तर के साथ-साथ नॉन-मूविंग स्पेयर इन्वेंट्री को कम करना बताया गया। प्रबंधन द्वारा लाभ और लागत में सुधार के लिए विभिन्न कदमों पर चर्चा की गई, जिसमें वित्त और लेखा विभाग द्वारा प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ कर्मचारियों के साथ बातचीत भी की गई। उन्हें बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के साथ-साथ उधारी के स्तर को कम करने के लिए कम से कम 5,000 रुपये प्रति टन की लागत में कमी लाने के लिए प्रेरित किया गया। एलजीआई का उद्देश्य, सेल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा कंपनी के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों, कार्मिकों, विभिन्न यूनियन प्रतिनिधियों को संयंत्र के उच्च प्रबंधन से प्रत्यक्ष रूप से चर्चा करने का मंच प्रदान करना है।
03 जून 2024 को आयोजित लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन में प्रश्नों का जवाब देते हुए संयंत्र के निदेशकप्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने कहा, कि भिलाई की टीम जो ठान ले उसे हासिल कर लेती है। उन्होंने कहा हमने लाभ कमाने के बारे में बात की ताकि हम सभी सामूहिक रूप से विकास कर सकें। किसी भी संगठन के लिए लाभ कमाना गर्व की बात है। यह महत्वपूर्ण है कि हम संगठन को पूरी तरह से अपनाकर संगठन के लिए लाभ कमाने की दिशा में काम करें। हमें प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उत्पादन की लागत को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। हम अपने उत्पादों को अपनी दरों पर तभी बेच सकते हैं जब हम अधिक से अधिक स्पेशल ग्रेड के स्टील का उत्पादन करें और इन सेगमेंट में मार्केट लीडर बने। ऐसा करने से हम मार्केट में अपने उत्पादों का दर निश्चित कर सकते हैं। उन्होंने प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा, कि हम प्रयास करेंगे कि आपके उपयुक्त सुझावों को लागू कर पाये और आगामी लक्ष्य की प्राप्ति कर सकें। संवाद सत्र में संयंत्र के अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न किये, जिनका संयंत्र के निदेशक प्रभारी एवं कार्यपालक निदेशकों ने विषयों के अनुरूप और अनुकूल उत्तर दिये। इस कार्यशाला का आयोजन, फाइनेंसियल परफार्मेंस से सम्बन्धित सभी प्रभावी सूचनाओं को संयंत्र के अधिकारियों के साथ साथ कार्मिकों तक पहुँचाने के लिए किया गया।
कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान कई बिदुओं पर चर्चा की गई, जो लागत को कम करने और लाभप्रदता में सुधार करने में मदद करेगी। कर्मचारी द्वारा पूछे गए प्रश्न पर संयंत्र के कार्यपालक निदेशक (वित्त और लेखा) और कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) द्वारा महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझाया गया। कार्यपालक निदेशक (वित्त और लेखा) ने बताया, कि पिछले कुछ वर्षों में वित्त विभाग और सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा की गई अभिनव पहलों के कारण पर्चेस अनुरोध और पर्चेस आदेश चरणों के बीच फाइल प्रसंस्करण में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी आई है। वित्त विभाग परिचालन अधिकारियों और वाणिज्यिक विभागों के साथ चर्चा कर मुद्दों को जल्दी सुलझाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) और कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) दोनों ने बताया कि स्पेयर पार्ट्स, इन्वेंट्री के स्तर में वृद्धि हुई है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने विभागों से आवश्यतानुरूप खरीद योजना का सहारा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा हमारे संयंत्र में सहयोगी इकाइयों की तुलना में प्रति टन स्टील उत्पादन पर स्टोर और स्पेयर की विशिष्ट खपत और आउटसोर्सिंग खर्च अधिक है। इसलिए केवल आवश्यक स्पेयर खरीदने और आउटसोर्सिंग व्यय को तर्कसंगत बनाने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि उत्पादन की कुल लागत को कम किया जा सकें। इसी तरह, हमें लागत कम करने के लिए अपने प्रमुख तकनीकी-आर्थिक मापदंडों में सुधार करने की भी आवश्यकता है।
संवाद सत्र के दौरान वर्ल्ड स्टील सीनारियो, कोर एरिया प्रोडक्शन, प्रोडक्शन कॉस्ट, डिस्पैच तथा कॉस्ट सेविंग इनिशिएटिव, संयंत्र की वर्तमान क्षमता से संबंधित वित्तीय विषयों के प्रश्नोंके जवाब में, निदेशक प्रभारी एवं कार्यपालक निदेशकों ने कहा, कि मई माह में हमने कॉस्ट संबंधित बहुत सारे सुधार किए हैं और सम्भावित क्षेत्र में इनिशिएटिव लेकर हम अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, यह हमारी योग्यता पर निर्भर करता है कि भविष्य में भी हम सब मिलकर अपनी क्षमता का पूर्ण उपयोग करते हुए, आगामी वर्ष के लिए कॉस्ट कटिंग से नहीं बल्कि कॉस्ट रिडक्शन से निर्धारित लाभ के लक्ष्य को प्राप्त करें। ठेका श्रमिकों के कार्यशैली, कार्य की प्रकृति एवं उनकी सेफ्टी से संबंधित सवालों के जवाब में उच्च अधिकारियों ने सुरक्षा को सर्वोपरी बताते हुए कहा, कि कॉन्ट्रैक्ट सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम अभी प्रस्तावित है, जिसमें उन्हें सेफ्टी के साथ गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

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