महाराष्ट्र राज्यसभा चुनाव: एक सीट पर आदित्य ने ठोका दावा, क्या शरद ने भी जताई इच्छा

मुंबई: उद्धव सेना के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा में अपनी पार्टी के विधायकों की संख्या का हवाला देते हुए राज्यसभा की उस एक सीट पर अपना दावा किया है। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाडी के घटक दलों में सबसे ज्यादा उनकी पार्टी के विधायक है, इसलिए उनका दावा बनता है। गुरुवार को विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के संबंध में एमवीए के साझेदारों कांग्रेस, उद्धव सेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार ) के बीच अभी तक कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर आप आंकड़ों को देखें तो (राज्यसभा चुनाव की) यह सीट उद्धव सेना की है और एमवीए में निश्चित रूप से इस दिशा में बातचीत होगी। सत्ताधारी ‘महायुति’ गठबंधन के पक्ष में भारी बहुमत को देखते हुए, एमवीए राज्यसभा और विधान परिषद में एक-एक सीट जीत सकता है।
संजय राउत ने कहा शरद पवार ने राज्यसभा जाने की इच्छा जताई
दूसरी ओर, उद्धव सेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि शरद पवार ने राज्यसभा में जाने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी में कांग्रेस, एनसीपी(एसपी) और शिवसेना साथ हैं और सभी दल मिलकर चर्चा करेंगे। राउत ने भरोसा जताया कि शरद पवार बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे और कांग्रेस को ऐसी कोई आशंका नहीं रखनी चाहिए। राउत ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे का विधानमंडल में होना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है और इस विषय पर वे उनसे चर्चा कर चुके हैं। आने वाले एक-दो दिनों में इस पर अंतिम रुख स्पष्ट किया जाएगा।
10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटें
गौरतलब है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव की घोषणा की है। मतदान की तिथि 16 मार्च 2026 है और मतगणना मतदान के दिन ही होगी और उसी शाम पांच बजे मतगणना होगी। राज्यसभा की खाली होने वाली 37 सीटों में से सात सीटें महाराष्ट्र से हैं। इसमें शरद पवार के अलावा उद्धव सेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी, शरद पवार की एनसीपी से फौजिया खान, आरपीआई (आठवले) के रामदास आठवले, बीजेपी के भगवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटील और एनसीपी के धैर्यशील पाटील का नाम शामिल है। इन सात सीटों में से छह पर राज्य सरकार की महायुति का पलड़ा भारी है, क्योंकि बीजेपी के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन के पास 288 सदस्यीय विधानसभा में 232 विधायकों की मजबूत संख्या है, जबकि विपक्षी गठबंधन एमवीए 48 विधायकों के साथ काफी पीछे है। यानी सात में से छह सीटें महायुति और एक सीट महाविकास आघाडी को मिल सकती है लेकिन इसके लिए महायुति के सभी घटक दलों को एक होना होगा।
हम किसी की जासूसी नहीं करते- संजय राउत
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे की मुलाकात पर उद्धव सेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने निशाना साधा। अब राज ठाकरे ने मुलाकात के बारे में बयान नहीं दिया तो हम क्या कहें, बेहतर होगा कि उन्हीं से पूछिएं। दूसरी बात, हम किसी की जासूसी नहीं करते। कौन किससे मिलता है, इस पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। हमारा संघर्ष एकनाथ शिंदे से है। राउत ने आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे ने बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि शिंदे ने मराठी माणुस और महाराष्ट्र के साथ बेईमानी की है। “जिस ‘नंदनवन’ की बात की जाती है, वह शिवसेना को तोड़कर और छीनकर बनाया गया है। इस लड़ाई में अंततः हमारी जीत होगी, उन्होंने यह भी कहा कि इस मुलाकात से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और उनकी पार्टी अपनी विचारधारा पर दृढ़ है। “उनके दल में क्या चल रहा है, यह उनका आंतरिक मामला है।



