महाराष्ट्र सरकार ने दी मालाड-मालवणी में 118 एकड़ जमीन, अडाणी धारावी के लोगों के लिए बनाएंगे 1.5 लाख घर

मुंबई : धारावी पुनर्विकास प्रॉजेक्ट को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मालाड-मालवणी के मुक्तेश्वर क्षेत्र की 118 एकड़ जमीन धारावी रीडेवलपमेंट प्रॉजेक्ट (DRP) को सौप दी है। इस जमीन पर धारावी के अपात्र नागरिकों को बसाया जाएगा, ताकि प्रॉजेक्ट के तहत घरों का निर्माण तेजी से शुरू हो सके। अधिकारियों के अनुसार, यह DRP को मिली तीसरी प्रमुख भूमि है।
इससे पहले कुर्ला की मदर डेयरी की जमीन और मुलुंड की जमास साल्ट पैन लैंड भी DRP को दी जा चुकी है। इन स्थानों पर ऊपरी मंजिलों में रहने वाले निवासियों तथा 1 जनवरी 2011 के बाद और 15 नवंबर 2022 से पहले धारावी में बसे लोगों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
मलाड की जमान का मालिकाना हक किसके पास?
प्रॉजेक्ट की शर्तों के मुताबिक, पात्र और अपात्र निवासियों को मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के भीतर आधुनिक सुविधाओं से युक्त टाउनशिप में बसाया जाएगा। मालाड की जमीन का मालिकाना हक DRP और झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण (SRA) के पास रहेगा, जबकि विशेष उद्देश्य कंपनी (SPV) को केवल निर्माण कार्य का अधिकार होगा।
540 करोड़ रुपये की है जमीन
118 एकड़ जमीन का अनुमानित मूल्य करीब 540 करोड़ रुपये है। इसमें से 135 करोड़ रुपये नवभारत मेगा डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकास अधिकार प्रीमियम के रूप में जमा कराए जा चुके हैं। मुक्तेश्वर क्षेत्र की कुल 140 एकड़ में से 22 एकड़ जमीन का मामला फिलहाल अदालत में लंबित है।
1.5 लाख घरों का होगा निर्माण
धारावी प्रॉजेक्ट के तहत MMR में 540 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है, जिसमें कुर्ला, भांडुप और मुलुंड के साल्ट पैन क्षेत्र और देवनार डपिंग ग्राउंड का हिस्से शामिल है। करीब 10 लाख लोगों के पुनर्वास के लिए 1.25 से 1.5 लाख किफायती घर बनाने की योजना है। सरकार ने सात साल में प्रॉजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा है।



