महाराष्ट्र

आंध्र प्रदेश को महाराष्ट्र ने दिए दो फीमेल टाइगर तो देवेंद्र फडणवीस को थैंक्स बोलने मुंबई पहुंचे पवन कल्याण

मुंबई : आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच पूर्वी घाट क्षेत्र में बाघ संरक्षण के उपायों पर चर्चा हुई। पवन कल्याण ने मुंबई में मुख्यमंत्री फडणवीस के आधिकारिक आवास पर उनसे मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच पूर्वी घाट में बाघ संरक्षण को लेकर सकारात्मक और महत्वपूर्ण चर्चा हुई। वन एवं पर्यावरण मंत्री का दायित्व भी संभाल रहे पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश को दो मादा बाघों के स्थानांतरण (ट्रांसलोकेशन) में सहयोग देने के लिए महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहयोग पूर्वी घाट में बाघों की मजबूत और स्वस्थ आबादी को फिर से स्थापित करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मादा बाघों को लाने से आनुवंशिक समस्याओं (इनब्रीडिंग) को कम करने में मदद मिलेगी। इससे आनुवंशिक विविधता बढ़ेगी, बाघों की आबादी लंबे समय तक टिकाऊ बनेगी और एक स्वस्थ तथा आत्मनिर्भर बाघ आवास विकसित होगा। यह संयुक्त संरक्षण प्रयास विज्ञान आधारित और टिकाऊ वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से जैव विविधता की रक्षा के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आंध्र प्रदेश के मादा बाघ देने पर जताया आभार

पवन कल्याण ने बताया कि आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाट क्षेत्र में मादा बाघों की संख्या में आई भारी कमी के कारण आनुवंशिक समस्याएं पैदा हो रही थीं। उन्होंने कहा कि इस समस्या को दूर करने और बाघों की आबादी को फिर से बढ़ाने के लिए हमने महाराष्ट्र सरकार से सहयोग मांगा था। महाराष्ट्र ने आंध्र प्रदेश को दो मादा बाघ उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है और इसके लिए हम उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।

पवन कल्याण ने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच यह साझेदारी पूर्वी घाट में बाघों के दीर्घकालिक संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जनसेना प्रमुख ने इस पहल को आगे बढ़ाने में लगातार मार्ग आगे बढ़ते रहेंगे।

पवन कल्याण ने क्या कहा

पवन कल्याण ने कहा कि मादा बाघों को लाने से इनब्रीडिंग (आपस में प्रजनन) की चुनौतियों से निपटने, जेनेटिक विविधता बढ़ाने, बाघों की आबादी को लंबे समय तक बनाए रखने और एक स्वस्थ, खुद से फलने-फूलने वाले बाघों के इलाके को बनाने में मदद मिलेगी। संरक्षण की यह मिली-जुली कोशिश विज्ञान पर आधारित और टिकाऊ वन्यजीव प्रबंधन के ज़रिए जैव-विविधता की रक्षा करने के हमारे साझा संकल्प को दिखाती है।

पवन कल्याण ने कहा कि मुझे भरोसा है कि आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच की यह साझेदारी पूर्वी घाट में बाघों के लंबे समय तक संरक्षण में अहम योगदान देगी। मैं इस पहल को आगे बढ़ाने में लगातार मार्गदर्शन के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं वन्यजीव संरक्षण को आगे बढ़ाने में महाराष्ट्र सरकार और सभी संबंधित लोगों के साथ लगातार सहयोग की उम्मीद करता हूं।

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