इस दिन से शुरू होगा महालक्ष्मी व्रत, यहां जानें तिथि, पूजा विधि और महत्व

Mahalaxmi Vrat: महालक्ष्मी व्रत महिलाएं घर की शांति और खुशहाली के लिए करती हैं. यह व्रत 16 दिन तक चलता है. इस वर्ष 31 अगस्त से महालक्ष्मी व्रत शुरू होगा और इसका समापन 14 सितंबर को होगा.
महालक्ष्मी व्रत हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होता है और आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को समाप्त होता है. इस दिन धन और वैभव की देवी माता महालक्ष्मी की पूजा की जाती है. चलिए जानते हैं कि इस वर्ष माता महालक्ष्मी का व्रत कब से शुरू होगा. हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष 31 अगस्त से महालक्ष्मी व्रत शुरू होगा और इसका समापन 14 सितंबर को होगा.
महालक्ष्मी व्रत की मान्यता
मान्यता है कि इस व्रत को करने से भक्तों के घर में सुख और शांति बनी रहती है. माता लक्ष्मी की कृपा से धन की कमी नहीं होती है और जीवन से कठिनाइयां दूर होती हैं. इस व्रत को आमतौर पर महिलाएं घर की शांति और खुशहाली के लिए करती हैं. यह व्रत 16 दिन तक चलता है. इस दौरान महिलाएं फलाहार करती हैं.
महालक्ष्मी व्रत पूजा विधि
महालक्ष्मी व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें. इसके बाद पूजा स्थान पर मां लक्ष्मी की मूर्ति या फोटो रखें. माता को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से स्नान कराएं. फिर एक कलश में जल भरकर उसके ऊपर नारियल रख दें और इसे मां लक्ष्मी के सामने रखें. अब माता को फूल, फल और श्रृंगार का सामान अर्पित करें. दीप जलाकर भोग लगाएं और मां लक्ष्मी की प्रार्थना करें. रात में जब चांद निकल आए, तब उन्हें अर्घ्य दें.

