छत्तीसगढ़

लाइनमैन दिवस, ‘जनता के आक्रोश का करना पड़ता है सामना लाइनमैनों का दर्द 

रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रदेशभर में लाइनमैन दिवस का आयोजन किया, इसमें विद्युत आपूर्ति करने वाले मैदानीकर्मियों के सम्मान में हर संभाग स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए. राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित कल्याण भवन में भी सम्मान समारोह हुआ. जिसमें रायपुर शहर क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र के विपरीत परिस्थितियों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 60 लाइनमैन को सम्मानित किया. इस दौरान ईटीवी भारत ने विद्युत कंपनी के अधिकारियों और लाइनमैनों से बात की.

लाइनमैन दिवस पर छलका लाइनमैनों का दर्द: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रायपुर ग्रामीण के कार्यपालक निदेशक संदीप वर्मा ने बताया कि भारत सरकार विद्युत मंत्रालय और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के द्वारा 4 मार्च का दिन लाइनमैन दिवस के रूप में बनाने का निर्णय दिया गया है. इसी के तहत छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी और देश की अन्य विद्युत कंपनी लाइनमैन का सम्मान कर रही है. लाइनमैन आंधी, तूफान, बारिश जैसी विषम परिस्थितियों में लगातार काम करते हैं. क्षेत्र के तीन सर्कल 12 डिवीजन के विद्युत कर्मी, जो रेग्युलर, संविदा और आउट सोर्स के हैं, उन सभी का सम्मान किया गया है.

पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रायपुर शहर के मुख्य अभियंता एम जामुलकर ने बताया कि सिटी सर्किल में 770 रेग्युलर और आउटसोर्सिंग सहित कर्मियों को पुरस्कृत किया गया है. बिजली काफी महत्वपूर्ण है. थोड़ी देर बिजली बंद होने से लोगों में आक्रोश व्याप्त हो जाता है. वहीं लाइनमैन की सुरक्षा को लेकर जामुलकर ने कहा कि लाइनमैन गर्मी, ठंडी, बरसात में काम करते हैं. इन्हें सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके जीवन को सुरक्षित किया जा सके. वे बेहतर काम कर सकें. मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल भी लाइन सुधारने के लिए किया जा रहा है, जिससे बेहतर विद्युत व्यवस्था के साथ लाइनमैन को भी सुरक्षित किया जा सके.

लाइनमैनों का सम्मान: इस दौरान संदीप वर्मा ने बताया कि लाइनमैन दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के तीन लाइनमैन को भी सम्मानित किया गया, जिसमे 1. जोगेश्वर प्रसाद वर्मा, सारागांव वितरण केन्द्र, संभाग, रायपुर, 2. भुपेश्वर ध्रुव, मैनपुर वितरण केन्द्र, संभाग संभाग, गरियाबंद और परमेश्वर चंद्राकर, नेहरू नगर जोन, भिलाई पश्चिम संभाग शामिल हैं.

कर्मचारियों की दिक्कतें: आज के आधुनिक युग में भी लाइनमैन के द्वारा साइकिल पर सीढ़ी ले जाने के सवाल पर संदीप वर्मा ने कहा कि गलियों और छोटे स्थान पर मीडियम गाड़ी, बड़ी गाड़ियां या दूसरी सीढ़ियां नहीं पहुंच पाती. इस वजह से साइकिल पर सीढ़ी बांधकर ले जाया जाता है और सुधार कार्य किया जाता है.

कंपनसेशन पर सवाल: वहीं प्राइवेट ठेके पर काम करने वाले लाइनमैनों के लिए भी कंपनी के द्वारा कई तरह के प्रावधान किए गए हैं. जिसके तहत यदि सुधार कार्य करते समय उनकी मौत होती है, तो उन्हें भी कंपनी के द्वारा कंपनसेशन दिया जाता है. ईएसआईसी के जरिये इलाज कराया जाता है. प्लेसमेंट एजेंसी भी सारी सुविधा देती है. इसके अलावा उन्हें सुरक्षित काम करने के लिए समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है.

आधुनिक संसाधनों का करते हैं इस्तेमाल: ईटीवी भारत ने मौके पर मौजूद लाइनमैनों अर्जुन लाल वर्मा, मानसरोवर पटेल, राम सिंह नेताम और नरेश कुमार साहू से बातचीत की. उन्होंने बताया कि जब भी लाइन खराब होने की जानकारी आती है तो हम उच्च अधिकारियों को जानकारी देते हैं. उसके बाद मौके पर पहुंचते हैं और बिजली सुधार कार्य करते हैं. इस सुधार कार्य के दौरान हम अपनी पूरी सेफ्टी का भी ख्याल रखते हैं और आधुनिक संसाधनों का उपयोग भी करते हैं.

अंडरग्राउंड बिजली फिटिंग: नया रायपुर में काम करने वाले लाइनमैन ने बताया कि वहां पर अंडरग्राउंड बिजली फिटिंग है. कंप्लेंट होने पर उसे चेक किया जाता है. कुछ जगहों पर इंडिकेशन लगाया गया है. उसे देखकर पता चलता है कि लाइन खराब है या नहीं. उसके बाद सुधार करते हैं. इसके अलावा नया रायपुर के आसपास स्थित गांव में भी खंभों पर बिजली सुधार किया जाता है. इस दौरान अपनी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखते हैं.

छलका दर्द: इस बीच इन लाइनमैनों का दर्द भी छलक उठा. उन्होंने कहा कि कई बार लाइट बंद होने पर जब वे मौके पर सुधारने पहुंचते हैं,तो उन्हें लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ता है. लाइन सुधार कार्य में हो रही देरी की वजह से लोगों का सारा गुस्सा इन लाइनमैनों पर फूट पड़ता है, हालांकि यह लाइनमैन धैर्य के साथ न सिर्फ लाइन सुधार कार्य करते हैं, बल्कि लोगों से भी बात करते हैं.

सेफ्टी टूल्स: इस दौरान लाइनमैन और बिजली विभाग के अधिकारियों ने बिजली सुधार कार्य में लगने वाले औजार के बारे में विस्तार से जानकारी दी. इसमें कुछ ऐसे भी गैजेट थे, जो बिना तार से टच किये दूर से ही बता देते थे कि लाइन चालू है या बंद. एक ऐसा गैजेट भी था जो हेलमेट में लगाने के बाद लाइट बंद है चालू, उसका इंडिकेशन देता था. इसके अलावा कुछ और गेजेट्स का इस्तेमाल लाइनमैन बिजली सुधार कार्य के दौरान करते हैं, उसकी भी जानकारी दी गई.

सुरक्षा के प्रति जागरुकता: इस बीच एक लाइनमैन ने बताया कि उनके पिता की मौत करंट लगने से हुई थी. उस समय यह छोटे थे और आज यह लाइनमैन बनकर न सिर्फ बिजली सुधार कार्य कर रहे हैं, बल्कि दूसरे लाइनमैनों को भी सुरक्षा के साथ काम करने के लिए जागरुक कर रहे हैं.

कर्मचारियों की कमी से काम का दबाव: इस दौरान लाइनमैन ने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि विभाग में लाइनमैनों की कमी है. पुराने लाइनमैन रिटायर हो रहे हैं. उनकी जगह नई भर्ती नहीं हो रही है. इस वजह से इन लाइनमैनों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. ऐसे में सरकार लाइनमैनों की भर्ती करे, जिससे काम तेजी से हो.

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